
Dr narendra malhotra
आगरा। मासिक धर्म के प्रति लोगों को जागरूक कर रही गैर सरकारी संस्था नाइन मूवमेंट के निदेशक अमर तुलसियान ने कहा कि मासिक धर्म के दौरान सेनेटरी पैड के प्रयोग के मामले में भी स्थिति काफी दुखद है। भारत में केवल 18 फीसद महिलाएं इसका प्रयोग करती हैं, जबकि चीन में इसका फीसद 90 है। उन्होंने पूछा है कि मासिक धर्म क्या कोई अपराध है, जिस पर बात नहीं की जाती है। बता दें कि उत्तराखंड की राज्यपाल बेबीरानी मौर्य ने 30 स्कूलों को सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीनें वितरित कीं। इसके साथ ही बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का एक बार फिर गूंज हुई।
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शारीरिक प्रक्रिया है यह
होटल रेडिसन ब्ल्यू में आयोजित कार्यशाला में अमर तुलसियान ने कहा कि वर्तमान में शहरों में थोड़ी जागरूकता आई है, लेकिन छोटे शहरों व गांव की स्थिति अब भी दयनीय है। हमें यह समझाना है लोगों को कि मासिक धर्म कोई अपराध नहीं है, यह महिलाओं की एक शारीरिक प्रक्रिया है जो नियत समय पर होती है और जरूरी है। अगर ये न हो तो उन्हें स्वास्थ्य से जुड़े कई खतरे पैदा हो सकते हैं। इस दिशा में नाइन मूवमेंट ने देश भर में जागरूकता फैलाने के लिए कार्यक्रम की शुरूआत की है। स्कूल प्रबंधनों से कहा कि पैड वेंडिंग मशीन का उद्देश्य तभी सार्थक होगा जब वे छात्राओं का सहयोग करें। शुरुआत में छात्राओं की झिझक के कारण मुश्किलें आ सकती हैं। लेकिन काउंसलिंग के जरिए इस मुश्किल से निपटा जा सकता है। शुरुआत के समय छात्राएं वेंडिंग मशीन के पास न जाएं तो इसके लिए महिला टीचर को इंचार्ज बनाया जा सकता है। समय-समय पर महिला डॉक्टरों को बुलाकर सेनेटरी पैड्स प्रयोग करने के लिए जागरूक किया जा सकता है।
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डॉक्टरों ने दी माहवारी प्रबंधन संबंधी जानकारी
कार्यशाला के अंतर्गत देश के कई हिस्सों से आए स्त्री रोग विशेषज्ञों ने महिलाओं एवं बालिकाओं को मासिक धर्म स्वच्छता माहवारी प्रबंधन संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई। फोग्सी अवेयरनेस कमेटी कीं डॉ. अर्चना वर्मा, रेनबो आईवीएफ और रेनबो हॉस्पिटल कीं डॉ. निहारिका मल्होत्रा, डॉ. मनप्रीत शर्मा, डॉ. शैमी बंसल, डॉ. अर्चना वर्मा, डॉ. नीलम माहेश्वरी, डॉ. सरिता आदि ने यह जानकारी दी।
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Published on:
14 Sept 2018 10:08 pm
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