
Shardiya Navratri
Shardiya Navratri को लेकर शहरवासियों में काफी असमंजस की स्थिति है। कुछ लोग नवरात्र 20 सितंबर से शुरू होने की बात कह रहे हैं तो कुछ का 21 सितंबर से। इस असमंजस की स्थिति को साफ करने के लिए हमने ज्योतिषाचार्य डॉ. अरबिंद मिश्र से बात की, जानिए क्या कहना है इस बारे में ज्योतिषाचार्य का -
डॉ. अरबिंद मिश्र के मुताबिक 20 सितंबर की सुबह करीब 11 बजे तक अमावस्या रहेगी। उसके बाद प्रतिपदा यानी पड़वा शुरू हो जाएगी। इसलिए लोग 20 को शारदीय नवरात्र शुरू होने की बात कह रहे हैं। लेकिन हिंदू पंचांग में कोई भी तिथि उदया तिथि के मुताबिक मानी जाती है और उदया तिथि 21 सितंबर को लगेगी। इसलिए सही मायने में नवरात्र की शुरुआत 21 तारीख से ही करनी चाहिए। 21 सितंबर को सुबह 10:34 मिनट तक प्रतिपदा रहेगी, साथ ही शुक्ल पक्ष भी रहेगा।
पूरे नौ दिन की है Shardiya Navratri
ज्योतिषाचार्य का कहना है कि इस बार Shardiya Navratri के दिन न तो घट रहे हैं और न ही बढ़ रहे हैं। व्रत पूरे नौ दिन चलेंगे। 29 सितंबर को नवमी और 30 सितंबर को दशहरा मनाया जाएगा। वहीं 21 सितंबर को प्रतिपदा के दिन सर्वार्थसिद्धि योग, हस्त नक्षत्र और गुरुवार का दिन है। तीनों का मेल बेहद शुभ होने के कारण इस बार के नवरात्र बेहद मंगलकारी हैं।
इस तरह हमारे लिए लाभकारी हैं नवरात्र
ज्योतिषाचार्य का कहना है कि साल में दो बार नवरात्र आते हैं। एक बार ग्रीष्म काल से पहले तो दूसरी बार शीत काल शुरु होने से पहले। शरद ऋतु के प्रारंभ से पहले शुरु होने के कारण इस नवरात्र को शारदीय नवरात्र कहते हैं। दोनों ही नवरात्र हमारे लिए काफी फायदेमंद हैं। नवरात्र में जो लोग व्रत रहते हैं वे तो पहले ही खानपान को लेकर अनुशासित होते हैं। लेकिन जो लोग व्रत नहीं रहते, वे भी इन दिनों में अपने आहार पर नियंत्रण रखते हैं। बहुत से लोग प्याज, लहसुन, नॉनवेज, शराब और अधिक मसालेदार चीजों को खाने से परहेज करते हैं। इससे शरीर का इम्युन सिस्टम मजबूत होता है और हमारा शरीर नई ऋतु के अनुकूल बनता है।
Published on:
19 Sept 2017 12:02 pm
बड़ी खबरें
View Allआगरा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
