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संघर्ष के बाद भी हमेशा आगे बढ़ते रहे अम्बेडकर, पढ़िये ये खबर

सूर्यसुता फाउंडेशन द्वारा दिलतों में जागरूकता के लिए आयोजित किया कार्यक्रम।

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आगरा

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Dhirendra yadav

May 08, 2018

suryasuta arambh mahotsav

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आगरा। जात-पात के भेदभाव को छोड़कर एक दूसरे के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें। भगवान राम ने भी शबरी के झूठे बेर खाए थे। निषाद को सरयू पार कराने पर अपने गले लगाया था। अम्बेडकर जी के जीवन में भी बहुत संघर्ष आए, लेकिन वह हार माने बिना हमेशा आगे बढ़ते रहे। यह कहना था राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विभाग प्रचारक धर्मेन्द्र का। वह सूर्यसुता फाउंडेशन द्वारा बालूगंज स्थित नेता जी टाल में दलितों में जागरूकता के लिए आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे।

जात पात का भेदभाव किया दरकिनार
उन्होंने कहा कि हमें जात-पात के भेदभाव को दरकिनारा करते हुए एक दूसरे का साथ दें और आगे बढ़ें, तभी भारतवर्ष विकास करेगा। पूर्व मेयर इंद्रजीत आर्य ने कहा कि अम्बेडकर जी ने संविधान बनाया, उसी से देश चल रहा है। डॉ. भीमराव अम्बेडकर के विचारों को बढ़ाने का काम दीनदयाल उपाध्याय ने किया। जातिवाद छोड़कर एकजुटता बनाएं तभी देश आगे बढ़ेगा और विकसित होगा। अतिथियों का स्वागत सूर्यसुता फाउंडेशन के राष्ट्रीय सचिव पुष्कल गुप्ता ने किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्विलत कर किया। संचालन मयंक ने किया। इस अवसर पर आरएसएस के महानगर प्रचारक गोविन्द जी, मुकेश चाहर, मनीष साहू, अभिषेक कोटिया, इंद्रजीत यादव, शिवम शिवहरे आदि मौजूद थे।

13-15 जुलाई को होगा सूर्यसुता आरम्भ महोत्सव

सूर्यसुता फाउंडेशन के राष्ट्रीय सचिव पुष्कल गुप्ता ने बताया कि जल के अबाव में हर रोज दम तोड़ रही कालिंदी के दर्द को जन-जन तक पहुंचाने व पुराने अस्तित्व को वापस दिलाने के लिए 13-15 जुलाई तक सूर्यसुता आरम्भ महोत्सव का योजन किया जाएगा। जिसमें फिल्मी सेलीब्रिटी से लेकर राजनीतिज्ञ व देश भर के धर्म गुरु हिस्सा लेंगे। इस मौके पर किन्नर पुराण का विमोचन भी किया जाएगा। इसी कार्यक्रम के तहत विभिन्न वर्ग व समाज के लोगों के साथ कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें कालिंदी के अस्तित्व बचाने में सहभागिता के लिए प्रयास किया जा रहा है। सम्भवतः अगले कार्यक्रम में किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर आचार्य लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी भी भाग लेंगी।