
Taj mahal
आगरा। अपनी खूबसूरती से दुनियाभर में अलग ही पहचान रखने वाला ताजमहल आफत भी है। ये आफत उनके लिए है, जो इसके आस पास के क्षेत्र में रहते हैं। स्थानीय लोगों को इससे तमाम समस्याएं हैं। उनके रिश्तेदार वाहनों के साथ उनके घर नहीं आ सकते हैं। कोई शादी समारोह हो, या फिर कोई फंक्शन, यहां के लोगों पर ताजमहल की वजह से तमाम बंदिशें रहती हैं।
ये सबसे बड़ी समस्या
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताविक ताजमहल की सुरक्षा और प्रदूषण से हो रहे दुष्प्रभाव की वजह से पांच सौ मीटर की दूरी के भीतर बिना अनुमति के कोई गाड़ी नहीं आ सकती है। ऐसे में यदि कोई रिश्तेदार भी घर आता है, तो उसे गाड़ी दूर ही खड़ी करके घर आना पड़ता है। बारातों में यहां झिलमिलाहट नहीं होती है, क्योंकि बैंड बाजे तो होते हैं, लेकिन लाइटिंग साथ चल सके, इसके लिए जनरेटर की अनुमति नहीं मिलती है।
आरटीओ की प्रक्रिया हुई लंबी
यहां के स्थानीय निवासी शिवशंकर शर्मा ने बताया कि ताजमहल के 500 मीटर के दायरे को पार करने के लिए पास की जरूरत होती है। ये पास आरटीओ द्वारा जारी किया जाता है। इस पास को बनवाने की प्रक्रिया बेहद लंबी है, कई चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिसके बाद आरटीओ कार्यालय से पास मिल पाता है।
वीआईपी के आने पर बड़ा सिरदर्द
वहीं सबसे बड़ा सिरदर्द उस समय भी हो जाता है, जब कोई वीआईपी यहां आता है। वीआईपी मूमेंट के दौरान स्थानीय लोगों को घर में कैद होना पड़ता है। ऐसे में यदि कोई इमरजेंसी भी पड़ जाए, तो सुरक्षाकर्मी उसे बाहर नहीं निकले देते हैं। इन समस्याओं से जूझते हुए ताजमहल के आस पास के लोगों को काफी वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हो पा रहा है।
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Published on:
19 Dec 2017 01:47 pm
