
Controversy on Taj Mahal : मुगल बादशाह शाहजहां ने की थी गुहार, मिर्जा राजा जयसिंह मदद नहीं करते तो अधूरा रह जाता ताजमहल
Tajmahal Controversy ताजमहल लगातार विवादों में है। कभी अपने नाम को लेकर तो कभी अपने बंद 20 कमरों के राज को लेकर। नाम और बंद कमरों को लेकर निचली अदालतों और यहां तक हाईकोर्ट में केस लंबित हैं। पर ताजमहल में बंद 20 कमरों के राज का आज खुलासा हो गया है। ऑर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने एक आरटीआई का जवाब देते हुए साफ-साफ कहाकि, तहखानों में किसी भी हिन्दू देवी-देवता की मूर्ति नहीं है। एएसआई ने ताजमहल के बंद 20 कमरों में क्या है? इस सवाल पर तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता साकेत एस खोगले की दाखिल आरटीआई को यह जवाब दिया है।
आरटीआई के जरिए मांगे दो जवाब
मामला यह है कि, एक तरफ जहां ताजमहल के बंद 20 कमरों में क्या है? इस सवाल को लेकर हाईकोर्ट में याचिका पर सुनवाई चल रही है। वहीं 20 जून को तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता साकेत एस गोखले ने आरटीआई के तहत पुरातत्व विभाग आगरा सर्किल से सवाल किए थे। उन्होंने ताजमहल के मंदिर की जमीन पर बनने का कोई प्रमाण होने की जानकारी मांगी थी।
मंदिर की जमीन पर नहीं बना ताजमहल
इसके साथ ही ताजमहल के मुख्य गुम्बद के निचले हिस्से में बने तहखानों के 20 कमरों में हिन्दू देवी-देवताओं के होने के बारे में भी सवाल किया था। पुरातत्व विभाग ने आरटीआई नंबर 716 के जवाब में 22 जून को विभाग के केंद्रीय जनसंपर्क अधिकारी महेश चंद मीणा ने एक लाइन में जवाब दिया है। पहले सवाल का जवाब सिर्फ 'नो' लिखा गया है और दूसरे के जवाब में तहखानों में किसी देवी-देवता की मूर्ति न होने की बात कही गई है।
एएसआई का इनकार बरकरार
पुरातत्व विभाग लगातार इस बात को नकार रहा है। कुछ महीने पहले अयोध्या के रजनीश की पीआईएल के बाद पुरातत्व विभाग ने तहखानों में कोई मूर्ति न होने की बात कही थी। अप्रैल माह के अंत में अयोध्या के संत जगत गुरु परमहंसाचार्य को भगवा और ब्रह्म दंड के साथ प्रवेश न मिलने पर यह विवाद काफी गरमाया था। आगरा में पूर्व में जिला न्यायालय में भी ताजमहल के तेजोमहल होने का वाद दाखिल हो चुका है।
Published on:
03 Jul 2022 12:31 pm
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