22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ताज महोत्सव की निराली शान, शिल्पग्राम हुआ जवान, देखें वीडियो

-27 फरवरी तक चलने वाले ताज महोत्सव में ‘संस्कृति के रंग ताज के संग’ बिखरे -मुख्य मंच पर होने वाले कार्यक्रमों को देखने वाले मुट्ठी भर लोग, कलाकार निराश

3 min read
Google source verification
Taj mahotsav

Taj mahotsav

आगरा। शिल्पग्राम में चल रहे ताज महोत्सव की बात निराली है। यहां कला, शिल्प, संस्कृति और व्यंजन है। 27 फरवरी, 2020 तक चलने वाले ताज महोत्सव में ‘संस्कृति के रंग ताज के संग’ बिखरे हुए हैं। मुख्य आकर्षण देशभर से आने वाले शिल्पी हैं। इनकी संख्या 350 से अधिक है। पर्यटन विभाग पूरी ताकत लगा रहा है, लेकिन लोग उदासीन लगते हैं। तभी तो मुख्य मंच पर होने वाले कार्यक्रमों को देखने वाले मुट्ठी भर लोग होते हैं। बुधवार की रात्रि में खाली कुर्सियां कलाकारों को चिढ़ाती रहीं।

यह भी पढ़ें

ट्रंप की सवारी को लेकर संशय, अमेरिकी अफसरों की चाहत द बीस्ट से हो ताजमहल में एंट्री

क्या है विशेषता

कहने को तो ताज महोत्सव पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए शुरू किया गया था परन्तु हकीकत में ऐसा हो न सका। यहां पर्यटक नहीं, आगरा के लोग आते हैं। इनमें अधिसंख्य युवक और युवतियां होती हैं। यह ऐसा स्थान है जहां सुबह से रात तक रह सकते हैं। अगर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में रुचि है तो शाम 4.30 बजे से मुक्ताकाशीय मंच सजा हुआ है। अगर शिल्पकला देखनी है तो शिल्पी इंतजार में हैं। अगर खान-पान के शौकीन हैं तो वह भी हाजिर है।

यह भी पढ़ें

महाशिवरात्रि 2020: औषधीय गुणों का खजाना है बेलपत्र, जानिए महादेव को आखिर क्यों पसंद है...

खरीदारी कीजिए

साल भर सूना सा रहने वाला शिल्पग्राम जवान है। प्रवेश द्वार से लेकर अंदर तक जहां तक दृष्टि जाती है, मनभावन नजारा नजर आता है। हरियाणा और मथुरा के नगाड़े वालों की थाप पर नृत्य कर सकते हैं। फर्नीचर मोहने वाला है। लकड़ी की तोप देखने लायक है। बांस का फर्नीचर देखते ही बनता है। अनेक प्रकार के वस्त्र, घरेलू उपयोग की तमाम वस्तुएं यहां हैं, जो सामान्य बाजार में नहीं मिलती हैं। यहां अचार है। कार है। पुस्तकें हैं। जूते हैं। साड़ियां हैं। प्राचीन वस्तुएं हैं। आभूषण हैं। कश्मीरी शॉल है। ताड़ के पत्ते पर पेंटिंग्स हैं।

यह भी पढ़ें

शाहीन बाग पर रामगोपाल यादव का बड़ा बयान, बोले- सुप्रीमकोर्ट की बात माननी चाहिए

नहीं आते पर्यटक

उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग का नारा है- उत्तर प्रदेश नहीं देखा तो इंडिया नहीं देखा। प्रतिदिन 30 हजार के आसपास पर्यटक ताजमहल देखने आते हैं। इनमें से कुछ ही ताज महोत्सव में पहुंचते हैं। ताज महोत्सव के आसपास अनेक होटल हैं। हाल यह है कि ये होटल वाले भी अपने यहां प्रवास कर रहे पर्यटकों को ताज महोत्सव के बारे में कोई जानकारी नहीं देते हैं। विदेशी पर्यटक भी इक्का-दुक्का ही आते हैं। इस बारे में ताज महोत्सव आयोजन समिति के अधय्क्ष और मंडलायुक्त अनिल कुमार का कहना है कि ताज महोत्सव सबका है। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इसलिए हर किसी का सहयोग अपेक्षित है।

कार्यक्रमों का समय नोट करें

शिल्पग्राम में मुख्य मंच पर पूर्वाह्न 11 से तीन बजे तक स्थानीय कलाकारों के कार्यक्रम होते हैं।

शिल्पग्राम में मुख्य मंच पर बड़े कलाकारों के कार्यक्रम शाम 4.30 बजे से शुरू होते हैं और देर रात्रि तक चलते हैं। मुख्य कार्यक्रम रात्रि आठ बजे शुरू होता है।

मुक्ताकाशीय मंच सदर बाजार पर कार्यक्रम शाम छह बजे से शुरू होकर रात्रि तक चलते हैं।

सूरसदन प्रेक्षागृह में शाम छह बजे से नाटकों की प्रस्तुति होती है।

अन्य आकर्षण

22 फरवरी को स्पीहा और टूरिज्म गिल्ड आगरा द्वारा होटल क्लार्क्स शिराज में आगरा बियोन्ड ताज सेमिनार होगा।

22 और 23 फरवरी को अशोक कॉसमॉस मॉल में आगरा ग्रीन फेस्टिवल होगा।

ताज महोत्सव में डीप स्पेस लैम्स ऑब्जरवेटरी (अंतरिक्ष वेधशाला) देखने लायक है।