
tajmahal
आगरा। उत्तर भारत में आठ मई को तूफान आने की आशंका मौसम विभाग ने जताई है। जिलाधिकारी द्वारा अलर्ट घोषित किया गया है तो एडवाइजरी भी जारी की गई है। 12वीं तक के सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने के आदेश जारी किए गए है। इन सब के बीच पर्यटक भी दहशत में है। आगरा में 11 अप्रैल को आए तूफान के बाद ताजमहल में बहुत नुकसान पहुंचा था। कई पेड़ गिरे और दक्षिणी गेट मीनारों को भी नुकसान हुआ था। इस बार हाई अलर्ट है तो टूर आॅपरेटर्स ने भी पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। दिल्ली से आने वाले कई टूर कैंसल कर दिए गए हैं।
टूर में किए गए बदलाव, ताजमहल, सीकरी में कम रहेगी संख्या
दिल्ली, नोएडा में सोमवार की रात में मौसम ने तेवर दिखाए थे। 60 किलोमीटर की हवाओं ने लोगों में दहशत फैला दी। आगरा और आसपास के जनपदों में सुबह से ही तूफान की चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। ताजमहल पर आने वाले पर्यटकों की संख्या में सुबह से असर दिखाई पड़ा। रोजाना जहां सुबह से ही ताजमहल पर लंबी लंबी कतारें लग जाती थीं। वहीं मंगलवार सुबह पर्यटकों की संख्या अपेक्षाकृत कम दिखाई दी। सूत्र बताते हैं कि तूफान की आशंका के चलते मंगलवार को पर्यटक ताजमहल पर कम ही रहेंगे।
सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम
ताजमहल में 11 अप्रैल को आए तूफान से करीब पचास पेड़ गिर गए थे। ताजमहल पर तूफान ने सितम ढाया था। यहां पिलर और कंगूरे गिर गए थे। वहीं 2 मई को भी नुकसान हुआ। करीब पचास लाख रुपये के नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। ऐसे में 8 मई को जिला प्रशासन द्वारा जारी की गई एडवाइजरी से भी पर्यटकों के मन में दहशत घर कर गई है। ताजमहल आने वाले देशी और विदेशी सैलानियों की संख्या छुट्टी के दिनों की अपेक्षा काफी कम है। हालांकि ताजमहल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के विशेष प्रबंध है। एएसआई और सीआईएसएफ के जवान मुस्तैद हैं।
Published on:
08 May 2018 08:26 am
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