
आगरा। National Monkey Day पर आज हम आपको बताने जा रहे हैं, बंदरों के आतंक की कहानी। ताजमहल के शहर आगरा में बंदर बेकाबू हैं। सर्वाधिक आतंक ताजमहल पर है, जहां पर्यटक इनके निशाने पर रहते हैं। ये पर्यटकों पर कभी भी हमला बोल देते हैं। कई पर्यटकों को इन बंदरों ने काट चुके हैं।
बहुत हुए प्रयोग लेकिन सब विफल
ताजमहल पर बंदरों पर काबू पाने के लिए ऐसा नहीं है, कई प्रयोग हो चुके हैं, लेकिन सफल कोई भी नहीं रहा। ताजमहल की निगरानी करने वाले सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्यॉरिटी फोर्स (CISF) के जवानों के हाथ में गुलेल थमा दी गई, लेकिन बंदरों पर सीआईएसएफ जवान बंदरों पर काबू नहीं पा सके। ताजमहल परिसर से बंदरों को भगाने के लिए लंगूर रखने की योजना बनाई गई थी, लेकिन वह भी सफल नहीं हो सकी।
बंदरों के हमले से घायल हो चुके हैं कई विदेशी पर्यटक
ताजमहल घूमने आने वाले कई पर्यटकों पर बंदर हमला कर चुके हैं। कई विदेशी पर्यटक भी इनकी चपेट में आकर घायल हुए हैं। यहां पर बंदरों का आतंक इतना है कि वे पर्यटकों को घायल करके उनके हाथ से सामान छीनकर ले जाते हैं।
केस नंबर एक
26 अगस्त 2019 थाना ताजगंज क्षेत्र के पुराने मंडी की घटना है। जापान से आई महिला पर्यटक अपने साथियों के साथ पुरानी मंडी क्षेत्र में घूम रही थी। इस दौरान महिला पर्यटक इधर-उधर घूम रहे बंदरों की तस्वीरों को अपने कैमरे में क़ैद कर रही थी, तभी फोटो खींचने के दौरान एक बंदर ने उस महिला पर हमला कर दिया, जिससे महिला पर्यटक की पीठ पर मामूली चोटें आई हैं।
केस नंबर दो
29 सितंबर 2019, ताजमहल देखने आयी एक बेल्जियम की महिला को बंदरों के साथ फोटो लेना महंगा पड़ गया। बेल्जियम से आयी एक महिला सैलानी ने बंदर के साथ एक फोटो लेने की कोशिश कर रही थी। इसी दौरान बंदर ने विदेशी महिला पर हमला कर दिया। बंदरों ने हमला महिला के दाएं पैर पर किया, जिससे महिला के पैर पर खरोंच और दांत के निशान पड़ गए।
2018 में हुईं घटनाएं
नौ जुलाई को आस्ट्रेलिया की पर्यटक क्रिस्टीना को बंदर ने ताजमहल में काट लिया था।
22 मई को फ्रांस से आए पर्यटक टीकू और फॉसर्ड के पैर में बंदर ने काटकर घायल कर दिया था।
3 फरवरी को बंदरों ने चमेली फर्श की रेलिंग तोड़ दी थी। यह काम यमुना की ओर किया गया था।
Published on:
14 Dec 2019 04:22 pm
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