इस सरकारी आदेश ने कर दिया था बिजनेस चौपट, बेचनी पड़ीं मिठाइयां, संघर्ष से फिर स्थापित किया व्यापार, आज बने मंत्री

इस सरकारी आदेश ने कर दिया था बिजनेस चौपट, बेचनी पड़ीं मिठाइयां, संघर्ष से फिर स्थापित किया व्यापार, आज बने मंत्री
इस सरकारी आदेश ने कर दिया था बिजनेस चौपट, बेचनी पड़ीं मिठाइयां, संघर्ष से फिर स्थापित किया व्यापार, आज बने मंत्री

Amit Sharma | Updated: 21 Aug 2019, 06:54:27 PM (IST) Agra, Agra, Uttar Pradesh, India

व्यापारी, शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर उदयभान सिंह ने अपनी पहचान बनाई, लेकिन जीवन संघर्षों से भरा रहा। एक समय ऐसा भी आया जब उदयभान सिंह का व्यापार पूरी तरह ठप हो गया।

आगरा। फतेहपुर सीकरी से विधायक चौधरी उदयभान सिंह को योगी मंत्रिमंडल में जगह मिली है। उन्होंने राज्यमंत्री के तौर पर शपथ ली है। चौधरी उदयभान सिंह की राजनीतिक और व्यापारिक जीवन यात्रा बेहद रोचक है। वह हर किसीसे ‘राम-राम सा’ अभिवादन के साथ मिलते हैं। व्यापारी, शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर उदयभान सिंह ने अपनी पहचान बनाई, लेकिन जीवन संघर्षों से भरा रहा। एक समय ऐसा भी आया जब उदयभान सिंह का व्यापार पूरी तरह ठप हो गया। संघर्ष आलम यह था कि त्यौहार मनाने के लिए उन्हें मिठाई बेचनी पड़ीं, लेकिन इसके बाद मिठाइयों के व्यापार ने ही उन्हें दोबारा आर्थिक शक्ति प्रदान की और नया व्यापार दिया।

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टीटीजेड ने लाया सड़क पर

उदयभान सिंह संघर्ष के दिनों की चर्चा करते हुए बताते हैं कि उनका किसान ब्रिक फील्ड के नाम से ईंट भट्टा व्यापार था। वह अखिल भारतीय ईंट भट्ठा महासंघ के अध्यक्ष भी बने। इसी बीच ताज ट्रिपेजियम जोन के नियमों के चलते भट्टों पर रोक लगा दी गई। इसके बाद उदयभान सिंह का व्यापार पूरी तरह डूब गया। यह उनके जीवन का सबसे कठिन समय था। इसके बाद एक बार दीपावली मनाने के लिए उनके बेटों ने कुछ मिठाइयां खरीदीं और बेचीं। इसमें कुछ रुपए बचे जिससे त्यौहार मनाया गया। इसके बाद उन्होंने दूध का काम शुरू किया। मिठाई और दूध का काम उनका धीमे-धीमे चल निकला और उनका रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकान का व्यापार स्थापित हो गया।

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राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में लगातार रहे सक्रिय

संघर्ष के बाद भी उदयभान सिंह राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के निर्देशानुसार 1991 में सक्रिय राजनीति में पर्दापण किया। 1993 में दयालबाग विधानसभा क्षेत्र में 57000 मत प्राप्त करते हुए जीत दर्ज की। भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता होने के नाते उन्हें हस्तिनापुर उपचुनाव में प्रभारी बनाकर भेजा गया और उनके नेतृत्व में भाजपा प्रत्याशी की विजयश्री प्राप्त हुई। आगरा जिले का भाजपा जिलाध्यक्ष पद सौंपा गया। 2014 का लोकसभा चुनाव फतेहपुर सीकरी से लड़ने की तैयारी की। पार्टी ने ही उन्हें इसकी अनुमति दी थी। इसके लिए खेरागढ़, फतेहाबाद, बाह, फतेहपुर सीकरी और आगरा ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में पदयात्राएं कीं। उन्हें टिकट नहीं मिला। 2016 में भारतीय जनता पार्टी ने फतेहपुर सीकरी विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिया। शानदार जीत हासिल की।

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