देश का पहला विश्वविद्यालय, जिसमें बनाया जा रहा ट्रिब्यूनल, छात्र को विवि में ही मिलेगा न्याय

देश का पहला विश्वविद्यालय, जिसमें बनाया जा रहा ट्रिब्यूनल, छात्र को विवि में ही मिलेगा न्याय
Dr. Bhimrao Ambedkar University

Dhirendra yadav | Updated: 31 May 2019, 06:27:44 PM (IST) Agra, Agra, Uttar Pradesh, India

डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में अभी तक व्यवस्थायें कैसी भी रही हों, लेकिन अब ये विवि नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है।

आगरा। डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में अभी तक व्यवस्थायें कैसी भी रही हों, लेकिन अब ये विवि नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है। कुलपति ने आगरा विश्वविद्यालय में ट्रिब्यूनल बनाने की घोषणा की है। इस ट्रिब्यूनल को न्यायालय की तरह अधिकार दिये जाएंगे। यानि विवि से संबंधित किसी भी समस्या के लिये छात्र को अब वकीलों के चक्कर नहीं लगाने होंगे, उनकी सुनवाई यूनिवर्सिटी में ही होगी।

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Dr. Bhimrao Ambedkar University

ये होने जा रही व्यवस्था
आगरा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित ने बताया कि विवि में ग्रीवांस रिड्रेसल सैल (शिकायत सुनवाई प्रकोष्ठ) को सक्रिय करेंगे। इसके ऊपर ट्रिब्यूनल जैसा बनाएंगे, जिसे अधिकार देंगे। अगर छात्र की समस्या का समाधान 15 दिन में नहीं होता है, तो ट्रिब्यूनल में शिकायत दे सकता है। छात्र विश्वविद्यालय से बाहर कोर्ट में जाता है कि मार्कशीट नहीं मिल रही। तो यहां समय भी लगता है, और पैसा भी। किसी भी समस्या के लिये छात्र पहले विवि में सेमी ज्यूडिशियरी बॉडी (अर्ध न्यायिक) में जाएगा। अगर कुलपति कार्यालय में फाइल लम्बित है, तो कुलपति को भी जवाब देना है। सबकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। विश्वविद्यालय की ये नई पहल इस सत्र से शुरू हो जाएगी।

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प्रेसवार्ता में दी ये अहम जानकारी
कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षिति ने खंदारी कैम्पस के अतिथ गृह में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान ये जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि आगरा विश्वविद्यालय के सभी परीक्षा परिणाम कई दशकों के बाद 31 मई 2019 तक घोषित हो चुके हैं। केवल उनके परिणाम रोके गये हैं, जिन मामलों में सामूहिक नकल या फिर प्रयोगात्मक परीक्षा, मौखिकी के अंक विश्वविद्यालय को नहीं प्राप्त हो सके हैं।

घर बैठे मिलेगी डिग्री
कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित ने बताया कि आगरा विश्वविद्यालय ने नई व्यवस्था के तहत अब घर बैठे डिग्री मिलने की व्यवस्था भी शुरू की है, लेकिन इसमें कुछ समस्याएं भी आई हैं। जैसे अधिकांश महाविद्यालयों ने छात्रों के परीक्षा फार्म भरते समय उनके पते नहीं दिये थे। इसके लिये विवि की बेवसाइट पर एक लिंक दिया गया है। इस लिंक पर क्लिक करके अपने पते अपडेट कर सकते हैं। सत्यापन के बाद उनकी उपाधियां स्थायी पते पर भेज दी जाएंगीं।

पांच दिन में चलेगा बड़ा अभियान
कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित ने बताया कि दो जून से पांच दिनों के लिये विवि में बड़ा अभियान शुरू किया जा रहा है। इस अभियान के तहत विवि में अभी तक लंबित करीब 22 हजार प्रार्थना पत्रों का समाधान किया जायेगा। ये प्रार्थना पत्र विभिन्न समस्याओं के हैं, जिसमें लम्बित सत्यापन, अंकतालिका और उपाधियों की समस्या हैं।

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