
Exclusive- विवेक तिवारी हत्याकांड: हत्यारोपी प्रशांत चौधरी की पत्नी राखी के पास है इतनी संपत्ति, जानकर उड़ जाएंगे आपके होश
आगरा। लखनऊ में पुलिस कांस्टेबल की गोली से हुई विवेक तिवारी की मौत की गुत्थी अभी अनसुलझी है। विवेक तिवारी की मौत के बाद एक ओर जहां सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनके परिवार को आर्थिक मदद देने का आश्वासन दिया है तो विवेक की पत्नी को सरकारी नौकरी देने का ऐलान भी किया है। वहीं पुलिस महकमे में गुपचुप तरीके से विद्रोह की चिन्गारी सुलग रही है। यूपी पुलिस के बर्खास्त सिपाही बृजेंद्र सिंह यादव द्वारा 11 अक्टूबर को सिपाही प्रशांत और संदीप के समर्थन में आंदोलन के ऐलान का लेटर वायरल हो रहा है। जिसमें एक दिन की भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी गई है। वहीं मांग की गई है कि जिस प्रकार विवेक के परिवार को चालीस रुपये की मदद मिली है और पत्नी को सरकारी नौकरी उसी प्रकार सड़कों पर रौंदे गए निर्दोष सिपाहियों के परिजनों को भी ये सहायता उपलब्ध कराई जाए।
पुलिस महकमे में खामोशी के बावजूद ज्वालामुखी
विवेक की मौत के बाद जहां पुलिस प्रणाली पर सवाल उठे हैं। वहीं कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा इस पूरे प्रकरण को दूसरे नजरिए से देखा जा रहा है। बर्खास्त सिपाही बृजेंद्र सिंह यादव द्वारा चलाए जा रहे रक्षक कल्याण ट्रस्ट द्वारा संचालित अराजपत्रित पुलिस वेलफेयर एसासिएशन ने एक लेटर जारी किया है जो पुलिस महकमों में वायरल हो रहा है। पुलिस के व्हाट्सएप ग्रुप्स पर ये लेटर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें कहा गया है कि प्रशांत चौधरी हमराही कां.संदीप के साथ गश्त में मामूर था। इसी दौरान विवेक तिवारी अपनी गाड़ी से रात्रि में सूनसान जगह पर खड़ा था। साथ में महिला मित्र थी। आरक्षियों ने पूछताछ करनी चाही तो विवेक ने कर्मचारियों के उपर गाड़ी बैक करके गाड़ी से टक्कर मारने का प्रयास किया। जिसकी वजह से आरक्षियों को आत्मरक्षार्थ गोली चलानी पड़ी। जिससे विवेक तिवारी की मौत हो गई।
सरकार सभी कर्मचारियों को 40 लाख रुपया तुरंत प्रदान करे
वायरल हो रहे लेटर में कहा गया है कि जिस प्रकार सरकार द्वारा विवेक तिवारी की मौत के बाद तत्काल 40 लाख रुपये और नौकरी का आश्वासन दिया गया और पैसा, नौकरी उपलब्ध कराई जा रही है। लेकिन, विवेक तिवारी जैसे बहुत लोगों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को सड़क पर रौंद कर मार डाला गया है। ऐसे कर्मचारियों को अभी तक कोई सहायता राशि नहीं दी गई और न तत्काल नौकरी दी गई। इसी तरह कई कर्मचारी अन्याय, अत्याचार, शोषण होने से व्यथित होकर आत्महत्याएं कर रहे हैं। इन आत्महत्याओं पर सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। जितने पुलिसकर्मियों की हत्याएं और आत्महत्याएं हुई हैं। उन सभी कर्मचारियों के परिवारीजनों को 40 लाख रुपया तुरंत प्रदान किया जाए। उनके बच्चों को विवेक तिवारी की भांति नौकरी प्रदान की जाए और आर्थिक मदद प्रदान की जाए। आरक्षियों की तरफ से जान से मारने के हमले का और प्रशांत चौधरी द्वारा दी गई तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत कराया जाए।
11 अक्टूबर को मेस का बहिष्कार
ब्रजेंद्र सिंह यादव के वायरल लेटर में कहा गया है कि विवेक तिवारी के परिजनों को 40 लाख रुपए, नौकरी, मकान दे दिया गया है तो आरिक्षयों पर किए गए मुकदमे को वापस लिया जाए। यदि उपरोक्त बिंदुओं पर तत्काल समाधान न किया गया तो रक्षक कल्याण ट्रस्ट अराजपत्रित वेलफेयर ऐसोसिएशन 11 अक्टूबर को सभी कर्मी मेस का बहिष्कार कर भूख हड़ताल करेंगे। यदि फिर भी विचार न किया गया तो हम लोग आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
आगरा में समर्थन मांग रहा सिपाही
एपल कंपनी के ऐरिया सेल्स मैनेजर की मौत के बाद सिपाही संदीप और प्रशांत जेल में हैं। वहीं बृजेंद्र सिंह यादव द्वारा ऐसे पत्र जारी कर पुलिस महकमे से समर्थन मांगा जा रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक बृजेंद्र सिंह यादव यूपी पुलिस का बर्खास्त सिपाही है जो ये एसोसिएशन चला रहा है। आगरा में पिछले दो दिनों में उसने कई पुलिसकर्मियों से संपर्क कर आरोपी सिपाहियों को समर्थन देने की मांग की है। हालांकि अभी कोई भी पुलिसकर्मी खुलकर कुछ नहीं बोल रहा है।
Published on:
04 Oct 2018 11:01 am
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