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अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मस्थली बटेश्वर का होगा वास्तविक विकास, देखें वीडियो

-वाजपेयी के घर में बनेगा संग्रहालय, गूंजेंगे अटल गीत, धार्मिक पर्यटन विकसित करेंगे। -भाजपा विधायक रानी पक्षालिका सिंह के प्रस्ताव पर 3.60 करोड की पहली किश्त की जारी।

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Atal bihari Vajpayee

आगरा। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मस्थली बटेश्वर (बाह) का अब वास्तविक विकास होने जा रहा है। बटेश्वर में धार्मिक पर्यटन की परिकल्पना को पंख लेंगे। अटल के गीत गूंजेंगे। यमुना किनारे 108 शिव मंदिर और शौरीपुर में जैन तीर्थस्थल है, इससे यहां धार्मिक पर्यटन विकसित होगा। बाह से भाजपा विधायक रानी पक्षालिका सिंह के प्रस्ताव पर प्रदेश सरकार ने बटेश्वर के विकास के लिए 3 60 करोड़ की पहली किश्त जारी कर दी है।

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रानी पक्षालिका सिंह चाहती हैं धार्मिक पर्यटन का हो विकास

बुधवार को प्रेसवार्ता में बाह विधायक रानी पक्षालिका सिंह ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मस्थली को देखने के लिए देश विदेश से पर्यटक आएं और वे यहां शांति के लिए धार्मिक पर्यटक का आनंद लें। इसके लिए प्रदेश सरकार को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार ने बटेश्वर के विकास के लिए पहली किश्त जारी कर दी है। इससे विकास कार्य शुरू होंगे, जल्द ही बटेश्वर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मस्थली और धार्मिक पर्यटक के लिए देश विदेश में पहचान बनाएगा।

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ये कार्य प्रस्तावित

1.बटेश्वर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी का निवास स्थान जर्जर स्थिति में है। इसका उद्धार होगा। फोटो गैलरी व उनकी कविताओं का संकलन कर म्यूजियम के रूप में विकसित किया जाएगा।

2.अटल बिहारी वाजपेयी जी द्वारा स्वंतत्रता आंदोलन के समय जिस कोटी को जलाया था, उसे जंगलात कोठी कहते हैं। इस समय वन विभाग का विश्राम घर है। उसे संरक्षित कर अटल बिहारी वाजपेयी की यादगार के रूप में विकसित किया जाना है।

3.अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्मस्थली के पास एक यज्ञशाला है, जिसका जीर्णोद्धार कराकर आस-पास पौधारोपण कर विशाल मूर्ति की स्थापना की जायेगी।

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4.यमुना नदी के किनारे 108 मंदिरों की श्रृंखला है, जो अपनी धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्ता का गुणगान करते हैं। बटेश्वर मंदिरों के घाटों का निर्माण, मंदिरों का जीर्णोद्धार व पार्क आदि का एकीकृत विकास होगा। बटेश्वर मंदिर में सोमवार को भारी भीड़ होती है।

5.जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ जी का प्रसिद्ध मंदिर शौरीपुर, बटेश्वर में स्थित है। यहां बड़ी संख्या मे श्रद्धालु पर्यटक आते हैं। उनके लिए सुविधाएं विकिसत करने की जरूरत है।

6.दर्शनार्थियों की सुविधा हेतु पर्यटन की दृष्टि से जहां पर सर्वाधिक विकास कराया जाये। इससे पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी तथा स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

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