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ahmedabad: हॉल बुक कराने के लिए अब शादी के निमंत्रण पत्रिका की जरूरत नहीं

महानगरपालिका की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में निर्णय लिया गया है कि विवाह के लिए हॉल बुक करने में आमंत्रण पत्रिका की जरूरत को हटाया गया है।
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ahmedabad amc news

फाइल फोटो।

ahmedabad: शहर में महानगरपालिका (मनपा) संचालित के हॉल और पार्टी प्लॉट बुक कराने वाले लोगों को अब शादी की निमंत्रण पत्रिका दिखाने की जरूरत नहीं होगी। विवाह समारोह के लिए हॉल बुक कराने को वर-वधू और उनके माता-पिता के आधार कार्ड ही पर्याप्त होंगे।

गुरुवार को महानगरपालिका की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में यह अहम निर्णय लिया गया।मनपा के स्टैंडिंग कमेटी चेयरमैन कमलेश पटेल ने बताया कि विवाह के लिए मनपा का हॉल बुक कराने में वर्तमान में वर-वधू और उनके माता-पिता के आधार कार्ड के साथ शादी की पत्रिका भी मांगी जाती है। इससे नागरिकों को अनावश्यक परेशानी होती है। लिए गए निर्णय से इस तरह की परेशानी से निजात मिलेगी।

अब पत्रिका की अनिवार्यता खत्म करने के निर्देश दिए गए हैं। माता पिता के आधार कार्ड के आधार पर भी बुकिंग की जा सकेगी। अब तक निमंत्रण कार्ड जरूरी था, इससे की परिवारों को असुविधा होती थी।

डेकोरेशन की पुरानी व्यवस्था हटाने की तैयारी

स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष कमलेश पटेल ने बताया कि वर्ष 2018 तक निजी डेकोरेशन ठेकेदारों के जरिए हॉल में डेकोरेशन के साथ सुरक्षा, रखरखाव और बिजली आदि की जिम्मेदारी भी संभाली जाती थी। इससे मनपा को करीब 10 करोड़ रुपए सालाना आय होती थी। यह व्यवस्था बंद होने के बाद वर्तमान में हॉल-पार्टी प्लॉट की सुरक्षा, लाइट, इंजीनियरिंग और सफाई आदि पर करीब 40 करोड़ रुपए सालाना खर्च हो रहा है। अब नई डेकोरेशन पॉलिसी के तहत तीन प्रकार के पैकेज तैयार करने की योजना है। इसके लिए ठेकेदारों से प्रारंभिक जानकारी मांगी गई है। इस तरह निर्णय से मनपा को भी लाभ होने की संभावना जताई है।

शिकायत से पहले बदलेगी स्ट्रीट लाइट

दूसरी ओर शहर की स्ट्रीट लाइट खराब होने के बाद शिकायत का इंतजार करने के बजाय अब तय समय के अनुसार पहले ही बदलने की व्यवस्था बनाने की तैयारी है। यह निर्णय गुरुवार को हुई स्टैंडिंग कमटी की बैठक में लिया गया है। शहर में करीब 2.10 लाख स्ट्रीट लाइट हैं। वर्तमान में लाइट धीमी या पीली पड़ने के बाद शिकायत मिलने पर बदलने की व्यवस्था है। अब बिजली के प्रत्येक खंभे की उम्र और स्थापना की तारीख का रिकॉर्ड तैयार कर शेड्यूल ऑफ मेंटेनेंस के आधार पर चरणबद्ध तरीके से इसे बदलने की तैयारी है। प्रकाश कम होने से पहले लाइट बदलने के लिए ऑटो-मोड सिस्टम विकसित करने पर भी विचार किया जा रहा है। इस व्यवस्था से अब शिकायत करने का इंतजान नहीं करना पड़ेगा।