
संवाददाता सम्मेलन में गुजरात प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अमित चावड़ा व मुख्य प्रवक्ता मनीष दोशी।
Ahmedabad: भावनगर जिले में नकली शराब प्रकरण को लेकर गुजरात गुजरात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा ने आरोप लगाया कि गुजरात में शराबबंदी का कानून केवल कागजों तक सीमित रह गया है और कथित हफ्ताखोरी के कारण शराब व ड्रग्स का अवैध कारोबार बढ़ रहा है। उन्होंने इस प्रकरण के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए गृह मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार कर तत्काल इस्तीफा देने की मांग की।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में चावड़ा ने गुरुवार को ये आरोप लगाते हुए कहा कि भावनगर की घटना कोई पहला ऐसा प्रकरण नहीं है। इसके बावजूद सरकार ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी समाधान नहीं कर पाई है। शराब की तस्करी और बिक्री पर प्रभावी रोक होती तो जहरीली शराब से लोगों की जान जाने जैसी घटनाएं नहीं होतीं।
पुलिस की ओर से दर्ज एफआइआर का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भावनगर के खरकड़ी में जहरीले रसायन से बनी नकली शराब के सेवन से कई लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग उपचाराधीन हैं। उनके अनुसार एफआइआर में मिथेनॉल अहमदाबाद के सरखेज से पहुंचाने की बात सामने आई है। इतना ही नहीं, आरोपियों की ओर से पहले भी नकली शराब बनाने व बेचने की बात सामने आई है। शराब बनाने का सामान, उसका संग्रह और आपूर्ति की जानकारी पुलिस को घटना और मौतों के बाद ही क्यों मिली।चावड़ा ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री कानून-व्यवस्था और शराबबंदी लागू कराने की अपनी मूल जिम्मेदारी निभाने के बजाय अन्य गतिविधियों में व्यस्त नजर आते हैं। लोगों की जान जाने के बाद सरकार को केवल कार्रवाई नहीं, बल्कि जवाबदेही भी तय करनी चाहिए।कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की कि पूरे मामले की हाईकोर्ट के सिटिंग जज के नेतृत्व में एआइटी से निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए। जांच में शराब बनाने वालों के साथ आपूर्तिकर्ताओं, मिथेनॉल पहुंचाने वालों, अवैध नेटवर्क तथा कार्रवाई में कथित रूप से विफल पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका भी सामने लाई जाए।
चावड़ा ने कहा कि किसी इलाके में अवैध शराब बिकने और नकली शराब प्रकरण होने पर केवल संबंधित थाने के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक, रेंज आइजी और पुलिस महानिदेशक की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई। साथ ही मुख्यमंत्री से भी जनता के सामने आकर शराबबंदी कानून के अमल में सरकार की विफलता की जिम्मेदारी स्वीकार करने को कहा
कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को भावनगर जाकर प्रभावित क्षेत्रों में पीडि़तों से मिलेगा। साथ ही घटना से जुड़े तथ्यों, जिम्मेदार लोगों तथा पुलिस-प्रशासन की भूमिका की जानकारी जुटाएगा। प्रतिनिधिमंडल की रिपोर्ट आगामी विधानसभा सत्र में रखकर सरकार को घेरने की तैयारी है। कांग्रेस ने विधानसभा में भी गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाने की बात कही है।
Updated on:
20 Aug 2026 09:56 pm
Published on:
20 Aug 2026 09:56 pm
