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Ahmedabad News पीएम की अपील पर जानिए गुजरात के किन शैक्षणिक संस्थानों ने सिंगल यूज प्लास्टिक को किया बैन

Ahmedabad, GU, GTU, EDII, Education institute, Single use plastic ban, जीयू, जीटीयू के परिसर और कॉलेजों में लगी रोक, ईडीआईआई ने भी लगाया प्रतिबंध  

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Ahmedabad News पीएम की अपील पर जानिए गुजरात के किन शैक्षणिक संस्थानों ने सिंगल यूज प्लास्टिक को किया बैन

Ahmedabad News पीएम की अपील पर जानिए गुजरात के किन शैक्षणिक संस्थानों ने सिंगल यूज प्लास्टिक को किया बैन

अहमदाबाद. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्लास्टिक के उपयोग से होने वाले कचरे और प्रदूषण से निजात दिलाने के लिए लोगों से सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करने की अपील की है।
पीएम की अपील के बाद अहमदाबाद के कई शैक्षणिक संस्थान, कॉलेज और विश्वविद्यालयों ने सिंगल यूज प्लास्टिक को न सिर्फ उनके परिसर मे प्रतिबंधित कर दिया है। बल्कि विश्वविद्यालय ने उनसे संबद्ध कॉलेजों में भी सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने का निर्देश जारी किया है।
गुजरात विश्वविद्यालय (जीयू) ने अपने परिसर में एक बार उपयोग में लेने के बाद फेंक दिए जाने वाले प्लास्टिक के कप, ग्लास, पॉलिथिन बैग, पानी के पाउच और रिसायकल ना हो सकें ऐसी प्लास्टिक की बोतलों के उपयोग पर पाबंदी लगा दी है। जीयू के सभी भवनों और परिसर में इस पर रोक है। सितंबर में ही इसको लेकर एक परिपत्र जारी कर दिया गया।
भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआईआई) की ओर से भी परिसर में सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगा दी गई है।
संस्थान के निदेशक डॉ.सुनील शुक्ला ने बताया कि संस्थान परिसर में सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक का सर्कुलर जारी कर दिया गया है। एक सितंबर से संस्थान में सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक है।

टोकन कीमत पर कपड़े की थैली देंगे एनएसएस स्वयंसेवक
जीटीयू ने परिसर के साथ संबद्ध सभी कॉलेजों में भी सिंगल यूज प्लास्टिक कि-जिसमें पानी की बोतल, प्लास्टिक की डिश, चमची, ग्लास के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इतना ही नहीं लोगों को जागरुक करने के साथ जीटीयू से संबद्ध कॉलेजों की १३७ एनएसएस यूनिट के १० हजार सात सौ के करीब एनएसएस स्वयंसेवक पुराने कपड़ों को भी एकत्रित कर रहे हैं। इन पुराने कपड़ों से थैली बनवाई जाएगी। जिसका वितरण एक रुपए टोकन कीमत पर लारी पर सब्जी बेचने वाले विक्रेता को देंगे, ताकि वे प्लास्टिक की पॉलिथिन ना देकर कपड़े की थैली लोगों को दें। उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुक करें। कपड़े की 10 हजार थैलियां बनाकर इस प्रकार से कोटन कीमत पर देने की योजना है। इसकी शुरूआत भी कर दी है।
-प्रो.नवीन शेठ, कुलपति, जीटीयू