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पुलिस आयुक्त बने भाई… मानसिक आरोग्य अस्पताल में मरीज बहनों ने बांधी राखी

रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के स्नेह और एक-दूसरे की रक्षा के संकल्प का प्रतीक है। अहमदाबाद के मानसिक आरोग्य अस्पताल में शुक्रवार को इस पर्व का मानवीय रूप देखने को मिला।
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ahmedabad mentle hospital

अहमदाबाद के मानसिक आरोग्य अस्पताल में रक्षाबंधन के अवसर पर मरीजों से मिलते पुलिस आयुक्त अनुपमसिंह गहलोत, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय चौहान व अन्य।

अहमदाबाद. रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के स्नेह और एक-दूसरे की रक्षा के संकल्प का प्रतीक है। अहमदाबाद के मानसिक आरोग्य अस्पताल में शुक्रवार को इस पर्व का मानवीय रूप देखने को मिला। परिवार से दूर अस्पताल में उपचार करा रहीं महिला मरीजों के बीच अहमदाबाद शहर पुलिस आयुक्त अनुपमसिंह गहलोत अपनी पत्नी संध्या और पुलिस परिवार के साथ पहुंचे। पुलिस आयुक्त को अपने बीच देखकर मरीजों के चेहरों पर खुशी नजर आई। महिला मरीजों ने उन्हें राखी बांधी और भाई के रूप में आशीर्वाद भी दिया।

रक्षाबंधन के इस आयोजन में पुलिस आयुक्त ने मरीजों के साथ समय बिताया और उनसे बातचीत की। उन्होंने मरीजों को भरोसा दिलाया कि उनके कल्याण के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने में पुलिस प्रशासन हरसंभव मदद करेगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल में उपचार करा रहे मरीजों के मनोरंजन और उनके मानसिक उत्साह को बनाए रखने के लिए भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

पुलिस आयुक्त ने मरीजों के लिए हर सप्ताह पुलिस बैंड के माध्यम से गीत-संगीत प्रस्तुत करने की व्यवस्था करने का प्रयास करने की बात भी कही। उनका कहना था कि उपचार के साथ मरीजों को खुशनुमा माहौल और अपनापन मिलना भी जरूरी है।

मरीजों को मिला भावनात्मक सहारा

अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय चौहान ने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर पुलिस आयुक्त का परिवार सहित अस्पताल आना और मरीजों के साथ पर्व मनाना प्रेरणादायी है। ऐसे आयोजनों से उपचार करा रहे मरीजों को भावनात्मक और सामाजिक रूप से मजबूत सहारा मिलता है।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार मानसिक बीमारी से जूझ रहे लोगों को उपचार के साथ परिवार और समाज के अपनत्व की भी आवश्यकता होती है। इस तरह के आयोजन मरीजों में यह विश्वास पैदा करते हैं कि वे समाज से अलग नहीं हैं और समाज उनके साथ खड़ा है। रक्षाबंधन पर पुलिस आयुक्त का यह आत्मीय मिलन इसी सामाजिक जुड़ाव और संवेदनशीलता का संदेश देता नजर आया।