
शहर के हाटकेश्वर क्षेत्र में बारिश के भरे पानी से गुजरते वाहन।
अहमदाबाद शहर में सोमवार को हुई तेज बारिश से कई निचले इलाकों में पानी भर गया। दक्षिण-पश्चिम जोन में बारिश का सबसे ज्यादा असर रहा। सड़कों पर पानी जमा होने से वाहन चालकों को परेशानी हुई, दोपहिया वाहन चालकों को पानी के बीच से गुजरना पड़ा और कई जगह ट्रैफिक की रफ्तार धीमी हो गई।
निचले इलाकों में घरों और दुकानों के आसपास भी पानी जमा होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। स्कूल जाने वाले बच्चों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।दक्षिण-पश्चिम जोन के वटवा में सबसे ज्यादा 5.63 इंच बारिश हुई। इसके बाद सरखेज में 5.61, लांभा में 5.57, बोपल में 5.33 और बाकरोल में 5.16 इंच पानी बरसा। मक्तमपुरा में 4.98, जोधपुर में 4.84, बोडकदेव में 4.70, दूधेश्वर में 4.69 इंच बारिश दर्ज हुई।जोनवार आंकड़ों में देखें तो दक्षिण-पश्चिम के बाद दक्षिण जोन में 4.36 इंच और पश्चिम जोन में करीब 3.08 इंच बारिश दर्ज हुई। उत्तर-पश्चिम जोन में भी करीब 3.28 इंच बारिश हुई।
शहर में सोमवार को हुई तेज बारिश के बीच शेला क्षेत्र में गंभीर स्थिति सामने आई। क्लब O7 के पास सड़क पर भरे गहरे बारिश के पानी में एकलव्य स्कूल की बस अचानक बंद हो गई। बस में प्राथमिक कक्षाओं के छोटे बच्चे सवार थे। पानी के बीच बस रुकने से बच्चे घबरा गए और खिड़कियों से हाथ हिलाकर मदद के लिए पुकारते नजर आए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। प्रत्यक्षदर्शी के बनाए वीडियो में बच्चे बस की खिड़कियों से बाहर हाथ निकालकर मदद मांगते दिखाई दे रहे हैं। तेज बारिश और पानी के बीच बच्चों की सुरक्षा को लेकर मौके पर चिंता का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही स्कूल प्रशासन ने दूसरी बस मौके पर भेजी और सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालकर उनके घर पहुंचाया।
शहर में सोमवार को हुई बारिश के बाद मनपा को विभिन्न जोन से जलभराव की 64 शिकायतें मिलीं। इनमें सबसे अधिक पश्चिम जोन में 13, उत्तर जोन में 13 और उत्तर-पश्चिम जोन में 12 शिकायतें दर्ज हुईं। दक्षिण-पश्चिम जोन से 10, पूर्व से 9 और मध्य से 7 शिकायतें मिलीं। मनपा के अनुसार इनमें से 10 शिकायतें लंबित हैं, जबकि शाम छह बजे तक अन्य का निपटारा किया गया। जलभराव के अलावा पेड़ गिरने की 23 और जर्जर मकानों की दो शिकायतें भी दर्ज हुईं।
बारिश के बीच वासणा बैराज की स्थिति पर भी निगरानी रखी गई। सोमवार शाम 4 बजे तक बैराज के तीन गेट नंबर 25, 26 और 27 को एक-एक फीट खुला रखा गया। इस दौरान बैराज से कुल 1674 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। नर्मदा मुख्य नहर से आवक 125 क्यूसेक रही।बारिश के कारण शहर के पांच अंडरपास में पानी भरने से कुछ समय के लिए आवाजाही प्रभावित हुई। इनमें मीठाखली, मकरबा स्थित अंडरपास, अखबारनगर, शाहीबाग , मणिनगर के दक्षिणी अंडरपास बंद करने पड़े। हालांकि बाद में इन्हें शुरू कर दिया गया।
शहर के पूर्व भाग में बारिश के पानी और ड्रेनेज की समस्या से राहत के लिए करीब 81.40 करोड़ रुपए की लागत से ईस्टर्न ट्रंक लाइन बिछाई गई। पिछले वर्ष जुलाई में इसका लोकार्पण किया गया था। उस दौरान दावा किया गया था कि ओढव, वस्त्राल समेत क्षेत्रों के करीब 5 लाख लोगों को बारिश के पानी के भराव से राहत मिलेगी। इसके बावजूद बारिश में इन इलाकों की सड़कों पर पानी भर गया। निकोल, के कठवाड़ा से विंझोल तक बिछाई गई 12 किलोमीटर से अधिक लंबी लाईन है। इसके बावजूद यहां के कई इलाके सोमवार को जलमग्न देखे गए।
गणेश चतुर्थी के दिन हुई तेज बारिश ने गणेशोत्सव की तैयारियों पर असर डाला। जलभराव से लोग खरीदारी के लिए घरों से कम निकले, जिससे गणपति की मूर्तियों के बाजार में बिक्री प्रभावित हुई। वटवा, हाटकेश्वर, बापूनगर, सीटीएम और मणिनगर के मूर्ति विक्रेताओं को बारिश के कारण बिक्री घटने और आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है। वहीं, बारिश के कारण कुछ स्थानों पर श्रद्धालुओं को निर्धारित शुभ मुहूर्त में गणपति स्थापना में भी परेशानी हुई। गणेशोत्सव के पहले ही दिन बारिश ने जहां श्रद्धालुओं की तैयारियों में खलल डाला, वहीं छोटे मूर्ति कारोबारियों की चिंता बढ़ गई।
Updated on:
14 Sept 2026 11:12 pm
Published on:
14 Sept 2026 11:12 pm
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