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Ahmedabad शहर में 1.94 लाख श्वानों की नसबंदी व टीकाकरण, 2030 तक रेबीज मुक्त होने का लक्ष्य

विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर सोमवार को मनपा के उस्मानपुरा जोनल कार्यालय में आयोजित सेमिनार में रेबीज की रोकथाम, श्वानों के काटने की घटनाओं के मामले में प्रभावी प्रबंधन पर जोर दिया।
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Amc news

अहमदाबाद के उस्मनपुरा स्थित महानगरपालिका के पश्चिम जोनल कार्यालय में सेमिनार।

Ahmedabad शहर को वर्ष 2030 तक रेबीज मुक्त बनाने के लक्ष्य के लिए मनपा ने स्ट्रीट डॉग के टीकाकरण, नसबंदी और निगरानी के साथ जागरूकता अभियान भी तेज करने की तैयारी की है।

विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर सोमवार को मनपा के उस्मानपुरा जोनल कार्यालय में आयोजित सेमिनार में रेबीज की रोकथाम, श्वानों के काटने की घटनाओं के मामले में प्रभावी प्रबंधन पर जोर दिया।अभियान के तहत वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक 1,08,669 श्वानों की नसबंदी और टीकाकरण किया गया। इससे पहले भी 85,388 श्वानों की नसबंदी व टीकाकरण किया जा चुका है। इस तरह अब तक कुल 1,94,057 श्वानों को इस अभियान में शामिल किया जा चुका है। मनपा के अनुमान के अनुसार शहर में आवारा श्वानों की आबादी करीब 2.10 लाख है।

14 वार्डों में शुरू किया डॉग सेंसस

श्वानों की संख्या और नसबंदी की स्थिति की निगरानी के लिए 14 वार्डों में डॉग सेंसस शुरू किया गया है। इसमें 10,357 नसबंदी किए गए और 1,136 बिना नसबंदी वाले श्वान दर्ज हुए। श्वानों की पहचान और टीकाकरण का रेकॉर्ड रखने के लिए 11,924 श्वानों में रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआइडी) माइक्रोचिप लगाई जा चुकी हैं।

पालतू श्वानों का पंजीकरण भी बढ़ा

पालतू पशुओं व श्वानों की निगरानी के तहत अब तक 19,888 पालतू श्वानों का पंजीकरण किया गया है। इनमें सबसे अधिक 3,939 लैब्राडोर रिट्रीवर, 1,527 जर्मन शेफर्ड, 1,497 शिह त्जू और 1,416 गोल्डन रिट्रीवर हैं। वहीं 281 पालतू पशु मालिकों ने 363 बिल्लियों का भी पंजीकरण कराया है।

रेबीज नियंत्रण के लिए जागरूकता अभियान

रेबीज नियंत्रण अभियान में पालतू और पशुधन की समय पर एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन, स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता, पशु चिकित्सा कर्मियों का प्रशिक्षण और एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) कार्यक्रम को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया है। श्वानों के काटने की स्थिति में अस्पतालों के साथ समन्वय तथा एंटी-रेबीज वैक्सीन (एआरवी) और इम्युनोग्लोबुलिन की उपलब्धता सुनिश्चित करने की व्यवस्था भी अभियान का हिस्सा है।