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बुलेट ट्रेन कॉरिडोर में पहली बार लगाया मूवेबल क्रॉसिंग वाला हाई-स्पीड टर्नआउट

250 से 300 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति पर पारंपरिक फिक्स्ड क्रॉसिंग में पहिए और रेल के बीच संपर्क में गैप के कारण डायनेमिक इम्पैक्ट, कंपन और शोर बढ़ सकता है। इससे पहिए और रेल के घटकों में घिसाव के साथ ट्रैक की मामूली अनियमितताओं की स्थिति में पहिए के असामान्य व्यवहार का जोखिम भी बढ़ता है।
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High-Speed ​​Turnout with Movable Crossing Installed for the First Time on Bullet Train Corridor

मूवेबल क्रॉसिंग वाला हाई-स्पीड टर्नआउट।

अहमदाबाद. मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन की हाई-स्पीड रेल परियोजना में भारतीय रेलवे नेटवर्क में पहली बार मूवेबल क्रॉसिंग यानी स्विंग-नोज क्रॉसिंग से युक्त हाई-स्पीड टर्नआउट का उपयोग किया जा रहा है। यह तकनीक 320 किलोमीटर प्रति घंटे तक की डिजाइन गति पर सुरक्षित और सुचारु संचालन के लिए महत्वपूर्ण मानी गई है।
250 से 300 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति पर पारंपरिक फिक्स्ड क्रॉसिंग में पहिए और रेल के बीच संपर्क में गैप के कारण डायनेमिक इम्पैक्ट, कंपन और शोर बढ़ सकता है। इससे पहिए और रेल के घटकों में घिसाव के साथ ट्रैक की मामूली अनियमितताओं की स्थिति में पहिए के असामान्य व्यवहार का जोखिम भी बढ़ता है।
मूवेबल क्रॉसिंग में क्रॉसिंग नोज को स्विच रेल के साथ समन्वय में स्थानांतरित किया जाता है। इससे पूरे टर्नआउट में गैप-रहित और लगातार रेल सतह उपलब्ध रहती है। इसके परिणामस्वरूप ट्रेन का संचालन अधिक सुचारु होता है, कंपन और शोर कम होते हैं तथा रेल और पहियों के घिसाव में कमी आती है।

ड्यूल पॉइंट मशीन से बढ़ेगी सुरक्षा

प्रत्येक हाई-स्पीड टर्नआउट में दो स्वतंत्र पॉइंट मशीनें लगाई गई हैं। पहली स्विच रेल को निर्धारित स्थिति में ले जाकर लॉक करती है, जबकि दूसरी मूवेबल क्रॉसिंग नोज को सही स्थिति में स्थापित और लॉक करती है। सिग्नलिंग इंटरलॉकिंग दोनों मशीनों से सही स्थिति और लॉकिंग की पुष्टि मिलने के बाद ही ट्रेन को टर्नआउट से गुजरने की अनुमति देती है।

बहु-स्तरीय सुरक्षा और सटीक निगरानी

प्रणाली में स्विच रेल, मूवेबल क्रॉसिंग और दोनों की यांत्रिक लॉकिंग की स्वतंत्र रूप से निगरानी की जाती है। 320 किमी प्रति घंटे की गति के लिए उच्च सटीकता, मजबूत लॉकिंग और विश्वसनीय डिटेक्शन सिस्टम आवश्यक हैं। यह तकनीक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में सुरक्षा, बेहतर राइड क्वालिटी, कम घिसाव और संचालन विश्वसनीयता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।