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Ahmedabad: गणपति महोत्सव की 14 सितंबर से धूम, 300 बड़े सार्वजनिक पंडाल में बिराजेंगे विघ्नहर्ता

-शहर का विस्तार होने से बढ़े सार्वजनिक आयोजन, इस बार विसर्जन की तरह बप्पा के आगमन का भी युवाओं में क्रेज, युवा पीढ़ी भी आयोजन से जुड़ी
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Ganesh Utsav

शहर के गुलबाई टेकरा इलाके से भगवान गणपति की प्रतिमा को लेकर जाते श्रद्धालु।

Ahmedabad. शहर सहित राज्यभर में सोमवार गणेश चतुर्थी से गणपति महोत्सव की धूम रहेगी। इस साल शहर में 300 सार्वजनिक जगहों पर बड़े पंडालों में विघ्नहर्ता की विशाल प्रतिमाएं देखने को मिलेंगी। इस बार बप्पा के आगमन का भी क्रेज दिख रहा है। युवा पीढ़ी के गणेश महोत्सव के आयोजन से जुड़ने के चलते सोसाइटी स्तर पर भी 1200 से 1500 बड़े आयोजन हो रहे हैं।

सार्वजनिक आयोजनों में 20 फीसदी की वृद्धि

अहमदाबाद सार्वजनिक श्री गणेश महोत्सव एसोसिएशन के अध्यक्ष गणेश क्षत्रिय ने बताया कि शहर में इस साल 300 बड़े सार्वजनिक पंडाल बनाकर आयोजन हो रहे हैं। यह संख्या बीते सालों में काफी बढ़ी है। बीते साल की तुलना में 20 फीसदी की वृद्धि देखी जा रही है। यहां पर विशाल प्रतिमाओं की स्थापना के साथ विभिन्न थीमों पर साज सज्जा और संदेश दिया जाएगा। हर दिन आरती और प्रस्तुतियां होंगी।

उन्होंने बताया कि इस साल सोसाइटी स्तर की बात करें तो सोसाइटी और फ्लैटों में भी करीब 1200 से 1500 बड़े आयोजन हो रहे हैं। जहां अच्छी खासी संख्या में लोग दर्शन को उमड़ेंगे। शहर में एक अनुमान के तहत डेढ़ से दो लाख घरों में लोग विघ्नहर्ता की प्रतिमा स्थापित करते हैं। उन्होंने कहा कि एक दशक पहले तक लालदरवाजा, शाहपुर जैसे क्षेत्रों में बड़े आयोजन होते थे। अब शहर का विस्तार हुआ है। नए क्षेत्र जुड़े हैं ऐसे में नए क्षेत्रों गोता, चांदखेड़ा, बोपल, शीलज, लांभा, नारोल, वस्त्राल, निकोल, नरोडा, नवा नरोडा, चिलोडा जैसे क्षेत्रों में भी बड़े सार्वजनिक पंडाल लग रहे हैं। इसके चलते बीते एक दशक में सार्वजनिक पंडालों की संख्या तेजी से बढ़ी है।

पुंडरपुर, रामेश्वर मंदिर, अष्ट विनायक की झांकी के होंगे दर्शन

क्षत्रिय ने बताया कि इस साल सार्वजनिक पंडालों में हमारी देश की कला और संस्कृति की अनूठी झांकी देखने को मिलेगी। मणिनगर में श्रीपाद वाडी में जहां पुंडरपुर की यात्रा की थीम पर पंडाल को सजाया जा रहा है वहीं नरोडा में रामेश्वर मंदिर की शैली में डेकोरेशन किया जाएगा। पार्श्वनाथ टाउनशिप में श्रद्धालुओं को एक साथ अष्टविनायक के दर्शन होंगे। इसके अलावा इन पंडाल और सोसाइटी के बड़े पंडालों में नशे की लत से दूर रहने, पर्यावरण संरक्षण के संदेश दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अब गणेश आयोजनों में युवा पीढ़ी काफी सक्रियता से भाग ले रही है। ऐसे में बप्पा की विदाई ही नहीं बल्कि आगमन का भी उत्सव मनाया जाने लगा है। इस साल कई जगहों पर दो दिन तो कहीं तीन दिन पहले बप्पा को धूमधाम से लेकर आए हैं। पहले गणेश चतुर्थी के दिन ही प्रतिमा लाते थे।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, मनपा, पुलिस भी सतर्क

शहर में बड़ी संख्या में गणेश महोत्सव मनाए जाने के चलते शहर पुलिस के साथ साथ बड़े पंडालों की संख्या बढ़ने से मनपा, फायर ब्रिगेड की टीम भी सतर्क हो गई है। पंडालों में पुलिस या होमगार्ड की भी तैनाती रहेगी। साथ में स्वयंसेवकों को व्यवस्था संभालनी होगी। पंडाल का स्ट्रक्चर मजबूत हो, सीसीटीवी हो, आपात निकास द्वार अनिवार्य किए हैं। ट्रैफिक की स्थिति न बने उसका विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।

इको फ्रेंडली प्रतिमाओं की डिमांड

शहर के न्यू राणीप इलाके में गणपति प्रतिमाओं की बिक्री करने वाले सूरज पटणी ने बताया कि बीते कुछ सालों से इको फ्रेंडली प्रतिमाओँ की डिमांड बढ़ी है। इस साल भी भारी डिमांड है। कीमत में ज्यादा वृद्धि नहीं है, लेकिन कोलकाता के साथ महाराष्ट्र से नई डिजाइन की प्रतिमाएं भी बाजार में आई हैं।