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भावनगर में रेलवे क्वार्टर से नकली शराब बनाने की फैक्टरी पकड़ी, रेल कर्मी समेत तीन गिरफ्तार

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अक्षयराजसिंह का संपर्क उसके बहनोई रामदेवसिंह झाला के जरिए राजस्थान के कुछ लोगों से हुआ था। राजस्थान के आरोपियों में अर्जुनसिंह सोढ़ा और सूर्यप्रतापसिंह राठौड़ के नाम सामने आए हैं। राजस्थान से शराब बनाने के लिए आवश्यक सामग्री पार्सल के जरिए भावनगर भेजी जाती थी। इसके बाद सूर्यप्रतापसिंह भावनगर आया और यहां नकली शराब तैयार की। तैयार शराब को नामी ब्रांड की तरह दिखाने के लिए बोतलों पर रॉयल स्टैग शराब के नकली स्टीकर लगाए जाते थे। तैयार की गई नकली शराब को बाजार में पहुंचाने का काम विजय उर्फ मयंक के माध्यम से किया जाता था।
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Spurious liquor factory busted in Bhavnagar railway quarters; three arrested, including a railway employee

गिरफ्तार आरोपी।

नकली रॉयल स्टैग शराब बनाने को राजस्थान से मंगवाया जाता था कच्चा माल, सात आरोपी फरार

जामनगर/राजकोट. भावनगर जिले में नकली शराब प्रकरण के एक माह के भीतर शहर में नकली विदेशी शराब बनाने की एक और फैक्टरी का पर्दाफाश हुआ। पुलिस की स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) और बोरतलाव पुलिस टीमों की संयुक्त कार्रवाई में भावनगर परा स्थित रेलवे क्वार्टर से नकली रॉयल स्टैग शराब बनाने और बोतलों की पैकिंग करने का मामला सामने आया। टीमों ने मौके से रेलवे कर्मचारी अक्षयराजसिंह गोहिल, उसके कथित साझेदार विजय उर्फ मयंक मकवाणा तथा शराब बनाने के काम की निगरानी करने वाले जितेंद्र खावड़िया को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान नकली शराब से भरी रॉयल स्टैग की 17 बोतलें, ब्रांड के नकली स्टीकर, केमिकल से भरे कैन तथा शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री बरामद की गई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अक्षयराजसिंह का संपर्क उसके बहनोई रामदेवसिंह झाला के जरिए राजस्थान के कुछ लोगों से हुआ था। राजस्थान के आरोपियों में अर्जुनसिंह सोढ़ा और सूर्यप्रतापसिंह राठौड़ के नाम सामने आए हैं। राजस्थान से शराब बनाने के लिए आवश्यक सामग्री पार्सल के जरिए भावनगर भेजी जाती थी। इसके बाद सूर्यप्रतापसिंह भावनगर आया और यहां नकली शराब तैयार की। तैयार शराब को नामी ब्रांड की तरह दिखाने के लिए बोतलों पर रॉयल स्टैग शराब के नकली स्टीकर लगाए जाते थे। तैयार की गई नकली शराब को बाजार में पहुंचाने का काम विजय उर्फ मयंक के माध्यम से किया जाता था।
जांच में सामने आया कि विजय उर्फ मयंक ने खाटड़ी क्षेत्र के बुटलेगर शक्तिसिंह, मंत्रेश कॉम्प्लेक्स के पास रहने वाले भावेश सोलंकी तथा चित्रा क्षेत्र के शरद लींबा चावड़ा को शराब की बोतलें बिक्री के लिए दी थींं। जितेंद्र खावड़िया नकली अंग्रेजी शराब बनाने के लिए आवश्यक उपकरण, सामग्री और पूरी प्रक्रिया की निगरानी करता था।

रैकेट में 10 लोग शामिल

इस रैकेट में कुल 10 लोग शामिल बताए गए। इनमें मोरबी का रामदेवसिंह झाला, राजस्थान के ब्यावर के अर्जुनसिंह सोढ़ा, सूर्यप्रतापसिंह राठौड़, राजस्थान का अजीतसिंह उर्फ बन्ना राठौड़, भावनगर के खाटड़ी का शक्तिसिंह रायजादा, भावनगर का भावेश सोलंकी और शरद चावड़ा सहित 7 आरोपी फरार हैं।

14 लोगों की हो चुकी है मौत

भावनगर में हाल ही में नकली शराब प्रकरण में 14 लोगों की मौत हुई थी। फिलहाल बोरतलाव पुलिस थाने में गिरफ्तार 3 और फरार 7 सहित 10 आरोपियों के खिलाफ गुजरात प्रोहिबिशन एक्ट समेत संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की गई।