
हाटकेश्वर महादेव मंदिर
संकेत सिडाना
मेहसाणा. अहमदाबाद. गुजरात के मेहसाणा जिले के वडनगर में स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर अपनी अनोखी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। हाटकेश्वर महादेव मंदिर के गर्भगृह में एक शिवलिंग है, जिसके बारे में कहा जाता है कि वह स्वयं प्रकट हुआ है। इसे स्वयंभू शिवलिंग के नाम से भी जाना जाता है। पूर्व दिशा की ओर मुख किए हुए इस मंदिर का निर्माण 17वीं शताब्दी में हुआ था। ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का गृहनगर वडनगर है।
जटिल नक्काशी, वास्तुकला का अद्भुत संगम
मंदिर की जटिल नक्काशी में नौ ग्रह, नृत्य करती अप्सराएं, पुष्पों की आकृतियां, हिंदू धर्म के देवी-देवता, पुराण, रामायण और महाभारत के दृश्य चित्रित हैं। नक्काशी काफी बारीक है। ये श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र है। गर्भगृह की छत से एक विशाल शिखर आसमान की ओर ऊंचाई पर दिखाई देता है, जहां पूर्व की ओर मुख वाला यह मंदिर एक ऊंची दीवार से घिरा है, जिसके ऊपर तीन गोल गुंबद मौजूद हैं। उनके बीच-बीच में सपाट हिस्से हैं। मंदिर परिसर में प्राचीन काशीविश्वेश्वर शिव मंदिर, स्वामीनारायण एवं जैन मंदिर भी शामिल हैं।
स्वदेश दर्शन, हेरिटेज सर्किट प्रोजेक्ट का हिस्सा
मंदिर के महत्व को देखते हुए इसे स्वदेश दर्शन योजना और हेरिटेज सर्किट प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। मंदिर परिसर में तीर्थयात्री सुविधा विकास के तहत गर्भगृह, सभामंडप, शिखर, यज्ञशाला और स्वागत केंद्र तैयार किए गए हैं। गुजरात पर्यटन निगम ने मंदिर के ऐतिहासिक और प्राचीन महत्व को दर्शाने वाला लाइट एंड साउंड शो भी शुरू किया है।
नागर ब्राह्मणों के कुल देवता हैं हाटकेश्वर
मान्यता है कि यह मंदिर उस समय क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण समुदाय नागर ब्राह्मणों के आराध्य देवता को समर्पित है। इस मंदिर के लिए प्रसिद्ध है कि नागर समुदाय के ब्राह्मण और हाटकेश्वर महादेव का संबंध धार्मिक परंपराओं में बहुत गहरा है। एक समय भगवान शिव ने नागर ब्राह्मणों पर अपनी कृपा प्रदान की थी। इसी कारण हाटकेश्वर महादेव उनके इष्टदेव के रूप में आज भी पूजे जाते हैं। नागर ब्राह्मणों की परंपराओं में हाटकेश्वर महादेव से जुड़ी कई कथाएं हैं।
श्रावण माह, महाशिवरात्रि पर विशेष उत्सव
मंदिर में श्रावण महीने में और महाशिवरात्रि पर विशेष उत्सव मनाए जाते हैं। इनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु हिस्सा लेने पहुंचते हैं।
यात्रियों के लिए ठहरने, खाने-पीने की सुविधाओं का अभाव
वड़नगर में यात्रियों के लिए ठहरने, खाने की सुविधाओं का अभाव है। हालांकि गुजरात सरकार का सर्किट हाऊस है, लेकिन आम यात्रियों को ठहरने के लिए यहां कमरे कम ही मिल पाते हैं। ठहरने के लिए होटलें और खाने के लिए रेस्टोरेंट करीब 5 किलोमीटर दूर हाइवे पर हैं।
Updated on:
16 Aug 2026 09:45 pm
Published on:
16 Aug 2026 09:45 pm
