5 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

icon

प्रोफाइल

President’s Colour: पहली बार नौ सेना को मिला था प्रेसिडेंट्स कलर

Indian Navy, President's colour, INS Valsura, Gujarat

less than 1 minute read
Google source verification
President's Colour: पहली बार नौ सेना को मिला था प्रेसिडेंट्स कलर

President's Colour: पहली बार नौ सेना को मिला था प्रेसिडेंट्स कलर

जामनगर. राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद (President Ram Nath Kovind) ने शुक्रवार को आईएनएस वलसुरा (INS Valsura) को प्रतिष्ठित प्रेसिडेंट्स कलर (President;s Colour) प्रदान किया। युद्ध व शांति के दौरान देश की विशिष्ट सेवा के लिए सैन्य इकाई को प्रेसिडेंट्स कलर का सम्मान दिया जाता है। भारतीय नौ सेना (Indian Navy) पहली भारतीय सैन्य बल थी जिसे डॉ राजेन्द्र प्रसाद ने 27 मई 1951 को प्रेसिडेंट्स कलर से सम्मानित किया था।

आईएनएस वलसुरा यूनिट की ओर से बेहतरीन परेड में निशान अधिकारी लेफ्टिनेंट अरुण सिंह सांबयाल ने राष्ट्रपति से प्रेेसिडेन्ट्स कलर प्राप्त किया। यूनिट के 150 जवानों ने राष्ट्रपति को गार्ड ऑफ ऑनर पेश किया। नौ सेना बैण्ड की धुन पर 800 से ज्यादा अधिकारियों व जवानों ने मार्च पास्ट किया। इस समारोह में राज्यपाल आचार्य देवव्रत, नौ सेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार, दक्षिण नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ वाइस एडमिरल एम ए हंपीहोली सहित सैन्य अधिकारी व सिविल अधिकारी मौजूद थे।

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान रॉयल इंडियन नेवी (Royal Indian Navy) की क्षमता बढ़ाने के लिए वर्ष 1942 में एडवांस टोरपिडो प्रशिक्षण सुविधा की स्थापना की गई जिसे आजादी के बाद 1 जुलाई 1950 में आईएनएस वलसुरा का नाम दिया गया। यहां पर नौ सेना अधिकारियों-नाविकों को हथियारों व इलेक्ट्रॉनिक्स प्रणालियों का तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाता है। हर वर्ष 262 से ज्यादा कोर्स होते हैं। साथ ही वर्ष में 750 अधिकारियों व 4200 नाविकों का प्रशिक्षण दिया जाता है। अब तक 15 मित्र देशों की नौ सेनाओं के 1800 प्रशिक्षक यहां प्रशिक्षण ले चुके हैं। इस अवसर पर एक विशेष डाक लिफाफे का भी विमोचन किया गया।