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वंदे भारत फ्रेट ट्रेन का अहमदाबाद-मुंबई रूट पर 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रायल

रेलवे के आधिकारिक संचार के अनुसार, वंदे भारत फ्रेट ईएमयू रैक को सुपरफास्ट पार्सल सेवा में इस्तेमाल की संभावनाओं को देखते हुए ट्रायल किया गया। ट्रायल में ट्रेन को 50 प्रतिशत पेलोड और 20.32 टन एक्सल लोड के साथ चलाया गया। इसका उद्देश्य यह जांचना था कि रेक मार्ग पर लागू स्थायी गति प्रतिबंध और अस्थायी गति प्रतिबंध को ध्यान में रखते हुए अधिकतम 130 किमी प्रति घंटे की सेक्शनल स्पीड हासिल कर सकती है या नहीं। फ्रेट रैक में उपकरण लगाने का काम आरडीएसओ की टीम कर रही है। इसमें अहमदाबाद मंडल के मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और सिग्नलिंग एवं टेलीकम्युनिकेशन विभाग सहयोग कर रहे हैं।
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Vande Bharat Freight Train Trial Run at 130 kmph on Ahmedabad-Mumbai Route

वंदे भारत फ्रेट ट्रेन।

सुपरफास्ट पार्सल सेवा के लिए आरडीएसओ का दो दिवसीय परीक्षण, 50 प्रतिशत पेलोड और 20.32 टन एक्सल लोड के साथ दौड़ी 16 कोच की ट्रेन

अहमदाबाद. वंदे भारत फ्रेट ट्रेन का अहमदाबाद-मुंबई रूट पर 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रायल किया गया। रेलवे के रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) की ओर से इस रूट पर ट्रायल करने के बाद रविवार को मुंबई सेंट्रल से सुबह 9 बजे रवाना हुई ट्रेन अहमदाबाद पहुंची। दो दिवसीय ट्रायल में अहमदाबाद-वडोदरा-मुंबई सेंट्रल खंड और वापसी यात्रा शामिल थी।
रेलवे के आधिकारिक संचार के अनुसार, वंदे भारत फ्रेट ईएमयू रैक को सुपरफास्ट पार्सल सेवा में इस्तेमाल की संभावनाओं को देखते हुए ट्रायल किया गया। ट्रायल में ट्रेन को 50 प्रतिशत पेलोड और 20.32 टन एक्सल लोड के साथ चलाया गया। इसका उद्देश्य यह जांचना था कि रेक मार्ग पर लागू स्थायी गति प्रतिबंध और अस्थायी गति प्रतिबंध को ध्यान में रखते हुए अधिकतम 130 किमी प्रति घंटे की सेक्शनल स्पीड हासिल कर सकती है या नहीं।
फ्रेट रैक में उपकरण लगाने का काम आरडीएसओ की टीम कर रही है। इसमें अहमदाबाद मंडल के मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और सिग्नलिंग एवं टेलीकम्युनिकेशन विभाग सहयोग कर रहे हैं।

पार्सल लोडिंग के लिए रोलर-फ्लोर सिस्टम

वंदे भारत सीरीज के आधार पर विकसित 16 कोच वाली वंदे भारत फ्रेट ईएमयू को पार्सल और अन्य माल को तेज गति से परिवहन करने के लिए तैयार किया हैष। चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आइसीएफ) द्वारा विकसित किया है। ट्रेन में पार्सल की आसान लोडिंग के लिए विशेष रोलर-फ्लोर सिस्टम और कंसाइनमेंट की हैंडलिंग के लिए ऑटोमैटिक वाइड स्लाइडिंग डोर दिए गए हैं। तापमान-संवेदनशील सामान के परिवहन के लिए इसमें तापमान नियंत्रित (रीफर) सुविधा भी है। सीसीटीवी निगरानी और फायर डिटेक्शन सिस्टम भी हैं।

पहले 145 किमी प्रति घंटे की रफ्तार हासिल कर चुकी

वंदे भारत फ्रेट रैक का इससे पहले वेस्ट सेंट्रल रेलवे जोन में हाई-स्पीड ट्रायल हो चुका है। नागदा-कोटा-सवाई माधोपुर रूट के चौमहला-शामगढ़-गुर्ला सेक्शन पर रैक ने खाली स्थिति में 145 किमी प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की थी। उस परीक्षण में आरडीएसओ और आइसीएफ की टीमों ने रैक के प्रदर्शन की निगरानी की थी।
अहमदाबाद-मुंबई खंड पर ट्रायल से वंदे भारत फ्रेट ईएमयू के प्रदर्शन और पश्चिम रेलवे नेटवर्क पर हाई-स्पीड पार्सल एवं माल परिवहन के लिए इसकी उपयुक्तता से जुड़ा अतिरिक्त परिचालन डेटा मिलने की उम्मीद है। यह ट्रायल व्यस्त अहमदाबाद-मुंबई कॉरिडोर पर तेज पार्सल और माल सेवा के लिए वंदे भारत प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल की व्यवहार्यता परखने की दिशा में किया गया।