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3 आइएएस अफसरों ने दर्ज कराए कलमबद्ध बयान, बार ने टंडन से हाथ खींचे

बयान दर्ज कराने से पहले महिला अफसरों को चैम्बर में बैठाने पर कुछ वकीलों ने किया हंगामा, वकील भी दो धड़ों में बंटे, एक ने की टंडन की बार सदस्यता रद्द करने की मांग, दूसरा पक्ष में नहीं
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अजमेर

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Manish Singh

Feb 08, 2020

3 आइएएस अफसरों ने दर्ज कराए कलमबद्ध बयान, बार ने टंडन से हाथ खींचे

3 आइएएस अफसरों ने दर्ज कराए कलमबद्ध बयान, बार ने टंडन से हाथ खींचे

अजमेर. सोशल मीडिया पर अफसरों की चारित्रिक छवि खराब करने के आरोप से घिरे अधिवक्ता राजेश टंडन के खिलाफ तीन महिला आइएएस अधिकारियों ने प्रकरण दर्ज कराने के बाद अब अदालत में कलमबद्ध बयान दर्ज कराए हैं। तीनों अधिकारी शुक्रवार को अनुसंधान अधिकारी डॉ. प्रियंका के साथ अदालत में पेश हुईं। बयान दर्ज कराने से पहले तीनों अधिकारियों को न्यायिक कर्मचारियों ने कोर्ट के एक चैम्बर में बैठा दिया। इसे लेकर बवाल मच गया। कुछ वकील उस चैम्बर में पहुंच गए। वहां मौजूद न्यायिक अधिकारी के समक्ष वकीलों ने फरियादी को चैम्बर में बैठाने पर आपत्ति व्यक्त की। विवाद होने पर महिला अधिकारी चैम्बर से बाहर निकल गईं। इसके बाद वकील शांत हुए।

दरअसल टंडन पर कानूनी शिकंजा कसने के साथ ही शहर के वकील भी दो धड़ों में बंट गए हैं। पहला धड़ा टंडन की बार सदस्यता समाप्त करने की मांग पर अड़ा है जबकि दूसरा धड़ा इसके पक्ष में नहीं। बार एसोसिएशन ने भी टंडन प्रकरण से हाथ खींच लिए हैं। यह तय किया गया है कि अब इस मामले में बार में कोई चर्चा नहीं होगी।

टंडन के खिलाफ कुल चार महिला आइएएस ने अश्लीलता फैलाने और उनकी छवि खराब करने के आरोप में कोतवाली और सिविल लाइन्स में चार प्रकरण दर्ज कराए हैं। एक आइएएस शुक्रवार को 164 के बयान दर्ज कराने पेश नहीं हो सकीं। अब उनके बयान बाद में दर्ज किए जाएंगे।

इनका कहना

परिवादी महिला आइएएस अधिकारियों को चैम्बर में बैठाने पर आपत्ति जताई थी। उसके बाद उन्हें कक्ष से बाहर भेजा गया। राजेश टंडन ने कानूनी लड़ाई अपने स्तर पर लडऩे की बात कही है। इस प्रकरण में अब बार की तरफ से कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।
अजय त्रिपाठी, अध्यक्ष बार एसोसिएशन

मैनें बार को कोई पत्र नहीं लिखा है। मैं अपनी कानूनी लड़ाई पहले भी लड़ता आया हूं और लड़ता रहूंगा।

राजेश टंडन, वकील