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गरीबों की जिन्दगीभर की पूंजी लेकर फरार

एक बीसी संचालक निवेशकों का पचीस वर्ष से जमा विश्वास तोड़कर परिवार के साथ करोड़ों की रकम हड़प कर फरार हो गया
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अजमेर

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Manish Singh

Apr 17, 2019

Absconded with life's earnings, BC fraud

गरीबों की जिन्दगीभर की पूंजी लेकर फरार

मनीष कुमार सिंह

अजमेर. नगरा क्षेत्र में मंगलवार को एक बीसी संचालक निवेशकों का पचीस वर्ष से जमा विश्वास तोड़कर परिवार के साथ करोड़ों की रकम हड़प कर फरार हो गया। बीसी संचालक के फरार होने की खबर आसपास के क्षेत्र में फैलने पर नगरा क्षेत्र में लोगों को जमावड़ा लग गया। सैकड़ों पीडि़त अलवर गेट थाने पहुंचे। क्षेत्रीय पार्षद रेखा पिंगोलिया ने धोखाधड़ी व अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज करवाया।

नगरा क्षेत्र में मंगलवार दिन चढऩे के ही साथ गुप्ता चूड़ी वाले के बाहर लोगों की भीड़ बढ़ती चली गई। देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में लोग जुट गए। सबकी जुबान पर अपनी रकम डूबने का दु:ख था। आखिर गुस्साए लोगों ने गुप्ता चूड़ीवाले की दुकान पर पार्षद रेखा पिंगोलिया की मौजूदगी में ताले पर ताला जड़ दिया। पिंगोलिया ने बताया कि प्रमोद गुप्ता नगरा क्षेत्र में फैंसी स्टोर के साथ-साथ बीसी व सोसायटी चलाने का काम करता था। क्षेत्रवासी अच्छे ब्याज के लालच में थोड़ा-थोड़ा करके गुप्ता की सोसायटी, बीसी में निवेश करते थे लेकिन पिछले कुछ माह से गुप्ता की ओर से देनदारी में दिक्कतें आने लगी थी। गुप्ता ने क्षेत्र में सैकड़ों लोगों को मंगलवार सुबह का समय दिया था। कुछ को अग्रिम तिथि के एडवांस चेक दिए थे लेकिन सुबह जब लोग पहुंचे तो गुप्ता फैंसी स्टोर पर ताला लगा मिला। मोबाइल पर सम्पर्क करने पर प्रमोद गुप्ता, बेटा विकास गुप्ता, पत्नी गीता, पुत्रवधू सपना गुप्ता का मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ आए।
बेटे के नाम पर योजनाप्रमोद गुप्ता ने अपने बेटे विकास के नाम पर विकास बचत योजना और एकता निधि इंडिया ली. के नाम से सोसायटी चला रखी ती। पार्षद पिंगोलिया ने रिपोर्ट में बताया कि बचत योजना में 14 हजार रुपए प्रतिमाह के हिसाब से दो लाख रुपए का निवेश किया था। इसी तरह एकता निधि इंडिया में लोकेश ने 7 हजार रुपए प्रतिमाह के हिसाब से निवेश किया था। उनकी तरह ही मनीष यादव ने तीन लाख, सुमेर पिंगोलिया ने 50 हजार, कमला देवी ने एक लाख 65 हजार रुपए का निवेश किया था। ऐसे ही सैकड़ों परिवार है जिन्होंने गुप्ता के यहां बीसी व सोसायटी में निवेश किया था।

निम्न तबके के लोग ज्यादा

पार्षद पिंगोलिया ने बताया कि नगरा क्षेत्र में निम्न तबके के लोग है जो बीड़ी बनाने के अलावा दिहाड़ी मजदूरी कर गुजर-बसर करते है। अपनी दिहाड़ी मजदूरी में से थोड़ा-थोड़ा बचाकर बच्चों की शादी, पढ़ाई और पक्का मकान बनाने की चाह में लोग बीसी और सोसायटी में निवेश करते थे।

ब्याज का लालच
प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि प्रमोद गुप्ता करीब २५ साल से नगरा क्षेत्र में बीसी व सोसायटी चलाने का काम कर रहा है। वह लोगों को अच्छा ब्याज देने का लालच देकर सोसायटी चलाता था। उसकी सोसायटी व बीसी का दायरा शहर से निकलकर ब्यावर, नसीराबाद, केकड़ी, किशनगढ़ तक फैल चुका था। गुप्ता बीसी चलाने के साथ ब्याज पर रकम देता था। परबतपुरा रीको एरिया में उसकी कागज के डिब्बे बनाने की फैक्ट्री है। गुप्ता ने बीसी व सोसायटी की बड़ी रकम प्रॉपर्टी व्यवसाय में निवेश की थी।

कलक्ट्रेट पर जुटेंगे पीडि़त

प्रमोद गुप्ता के बीसी व सोसायटी में निवेश करने वाले पीडि़त बुधवार सुबह साढ़े १० बजे कलक्टर व एसपी के समक्ष गुहार लगाएंगे। पीडि़तों ने गुप्ता के मकान के मुख्यद्वार पर एक सूचना चस्पा कर सभी को कलक्ट्रेट बुलाया है।