
college admission process
स्कूल के सख्त अनुशासन में रहे विद्यार्थियों का कॉलेजिएट बनने का सपना पूरा हो गया। सभी कॉलेज कैंपस फिर से आबाद हो चुके हैं। सालाना परीक्षाओं और गर्मियों की छुट्टियों के बाद कॉलेज में फिर से पढ़ाई शुरू हो गई है।
शहर के सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय, सोफिया और राजकीय कन्या महाविद्यालय, दयानंद कॉलेज, श्रमजीवी कॉलेज में 1 जून से प्रथम वर्ष के दाखिले शुरू हुए थे। सभी कॉलेज में प्रवेश सूची, वर्ग और विषय आवंटन का काम हो चुका है। सोमवार से सत्र 2019-20 की शुरुआत हो चुकी है।
स्टूडेंट्स बने कॉलेजिएट
स्कूल में कई साल तक कड़े अनुशासन में रहे छात्र-छात्राओं को कॉलेज खुलने का खास इंतजार था। बारहवीं पास करने के बाद उन्होंने विभिन्न कॉलेज में कला, वाणिज्य और विज्ञान संकाय में दाखिले लिए हैं। उन्हें विषय और वर्ग आवंटन हो चुका है। अब उनका कॉलेजिएट बनने का सपना पूरा हो चुका है।
कैंटीन-थडिय़ों में गपशप
कॉलेज खुलते ही विद्यार्थियों के कदम कैंटीन और चाय-कॉफी की थडिय़ों की तरफ बढ़ रहे हैं। सूने कैंटीन में लम्बे अर्से बाद गपशप के दौर चलते देखे जा सकते हैं। नौजवान कक्षाओं पढ़ाई के साथ-साथ अगस्त में होने वाले छात्रसंघ चुनाव की योजनाएं बनाने में जुटेंगे। कॉलेज खुलते ही छात्र संगठन भी सक्रिय हो गए हैं। खासतौर पर छात्र नेता पहली बार कॉलेज आने वाले विद्यार्थियों से संपर्क करने में जुट गए हैं।
विश्वविद्यालय भी हुआ आबाद
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय भी आबाद हो गया है। यहां 8 जुलाई तक विभिन्न कोर्स में प्रवेश के लिए फार्म भरे जाएंगे। इनमें कला, वाणिज्य, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, विधि और अन्य संकाय शामिल हैं। विश्वविद्यालय में पी.जी. कोर्स ज्यादा हैं। ऐसे में स्नातक उत्तीर्ण विद्यार्थियों को दाखिले मिलेंगे।
Published on:
2 Jul 2019, 7:14 AM IST
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