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अजमेर में वाहन फिटनेस सेंटर बना अवैध कमाई का अड्डा, 2300 की जगह वसूले 5500, सरकार को लगा रहे करोड़ों का चूना

अजमेर के किशनगढ़ स्थित वाहन फिटनेस सेंटर पर नियमों को ताक पर रखकर वाहन मालिकों से अवैध वसूली की जा रही है। 2300 की जगह 5500 रुपए वसूले जा रहे हैं। ग्रीन टैक्स की रसीद भी नहीं दी जा रही, जिससे सरकार को करोड़ों का राजस्व नुकसान हो रहा है। पढ़ें मनीष कुमार सिंह की ये रिपोर्ट...

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अजमेर

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Arvind Rao

Aug 04, 2025

Marudhara Vehicle Fitness Center

Marudhara Vehicle Fitness Center (Patrika Photo)

अजमेर: किशनगढ़ के ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर पर भारी, मध्यम और छोटे वाहन मालिकों से अवैध वसूली का खेल चल रहा है। सुविधा शुल्क और ग्रीन टैक्स के नाम पर वाहन मालिकों से अतिरिक्त राशि वसूली जा रही है। इसमें वाहन मालिक ही नहीं बल्कि ‘ग्रीन टैक्स’ के नाम पर राज्य सरकार के राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।


पत्रिका टीम ने किशनगढ़ के तोलामाल में मरूधरा वाहन फिटनेस सेंटर की व्यवस्था को वाहन मालिक बनकर परखा। फिटनेस सेंटर के कर्मचारी ने निजी चौपहिया वाहन के फिटनेस नियमों से अनजान समझकर सेंटर पर निर्धारित शुल्क से ज्यादा वसूली का हिसाब-किताब समझा दिया। यहां फिटनेस करवाने आए अन्य चालक और वाहन मालिक से बातचीत में सुविधा शुल्क अदा करने पर बिना निर्धारित जांच प्रक्रिया के भी वाहन का फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी करने की बात सामने आई।

राजस्व का नुकसान


नए वाणिज्य वाहन के पंजीयन में 8 साल तक हर 2 साल में, उसके बाद हर साल फिटनेस प्रमाण-पत्र लेना जरूरी है। प्रदेश में प्रतिवर्ष 8 लाख वाहनों का फिटनेस प्रमाणन होता है। हल्के वाहन से 600 व भारी वाहन पर 1000 शुल्क वसूला जाता है। प्रति वाहन औसत 800 रुपए वसूला जाता है। जानकारों के मुताबिक, 7 लाख वाहनों से राज्य सरकार को सालाना 64 करोड़ की आय हो सकती है।


यों होती अवैध वसूली


बिना वाहन लाए फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए यहां सक्रिय दलाल की ‘सेवा’ ली जाती है। जो बिना वाहन आए सर्टिफिकेट जारी करवाने के लिए 2 से 5 हजार रुपए अतिरिक्त सुविधा शुल्क वसूलता है।


रसीद न देकर राजस्व में लगा रहे सेंध


फिटनेस शुल्क के अलावा वाहन मालिकों से ग्रीन टैक्स के नाम पर भी अवैध वसूली हो रही है। यह रकम नियमानुसार राज्य सरकार के खाते में जाती है। फिटनेस सेंटर पर रकम तो वसूली जा रही, लेकिन ग्राहक को रसीद नहीं देकर राजस्व में सेंध लगाई जा रही है।


2300 की बजाय वसूले 5500


अजमेर का पिकअप मालिक फिटनेस के लिए मरूधरा फिटनेस सेंटर गया। उससे फिटनेस के 5500 रुपए वसूले गए। जबकि पिकअप का फिटनेस शुल्क 600 रुपए है। ग्रीन टैक्स 1500 रुपए है। पिकअप का फिटनेस खर्च 2300 खर्च है, लेकिन बिना रसीद दिए 5500 रुपए वसूले गए।


लिए आठ हजार, 3880 की दी रसीद


अजमेर के ट्रेलर मालिक ने मरूधरा फिटनेस सेंटर पर फिटनेस स्लॉट बुक कराया। पहले फिटनेस से इनकार कर दिया। 2 हजार अतिरिक्त देने पर बगैर टेस्ट सर्टिफिकेट बनाने पर सहमति बनी। वाहन मालिक से 8 हजार शुल्क वसूला। 2700 व 1180 रुपए की रसीद दी गई।


'अवैध वसूली गलत है'


निजी वाहन पर फिटनेस नियम लागू ही नहीं हैं। एटीएस पर वाहन मालिकों से अवैध वसूली हो रही है तो गलत है। हालांकि, एटीएस की जांच व कार्रवाई विभागीय मुख्यालय की टीम के जरिए किया जाता है।
-सुमन भाटी, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, अजमेर रेंज