
ब्रह्मपुरी नाला कवर करने की योजना रद्द
अजमेर. राज्य में सत्ता परिवर्तन के साथ ही स्मार्ट सिटी के बोर्ड ने अजमेर शहर की बहुप्रतीक्षित कचहरी रोड से ब्रह्मपुरी होते हुए जयपुर रोड तक सडक़ निर्माण की योजना को रद्द कर दिया गया है। भाजपा राज में स्मार्ट सिटी के नाम पर इस योजना को जोरशोर से प्रचारित किया गया था। योजना बंद होने से एक तरफ जहां वैकल्पिक मार्ग खोलने का रास्ता बंद हो गया है वहीं इस मार्ग पर व्यावसायिक प्रतिष्ठान खोलने के कई लोगों के अरमानों पर भी पानी फिर गया है। भाजपा राज में यह प्रोजेक्ट लिया गया था तथा अपनी उपलब्धियों में यह मार्ग गिनाया गया था लेकिन सरकार बदलते ही स्मार्ट सिटी की प्राथमिकता बदल गई। पिछले सप्ताह जयपुर में हुई स्मार्ट सिटी की बैठक में इसे बंद करने का निर्णय किया है। स्मार्ट सिटी योजना के तहत 18.14 करोड़ रूपए की लागत से ब्रह्मपुरी से तोपदड़ा तक नाले को कवर कर सडक़ बनाई जानी थी। यह कार्य १५ महीने में पूरा था लेकिन लेकिन 9 महीने से कार्य ही शुरू नहीं हो सका।
यह होना था कार्य
ब्रह्मपुरी से तोपदड़ा फाटक तक नाले का 550 मीटर हिस्सा कवर होना था। इसके एक हिस्से में ब्लॉक लगाए जाने थे , इन पर लोहे की जालियां लगाने के साथ ही ब्लॉक बिछाने के लिए एस्केप चैनल को दोनों ओर एक-एक मीटर चौड़ा किया जाना था इससे ब्रह्मपुरी सडक़ चौड़ी बढ़ती। श्रीनगर रोड, अलवर गेट तथा प्रकाश रोड पर तीन पुलियाओं को 50-50 मीटर दोनों ओर चौड़ा किया जाना था। पार्र्किंग व ग्रीनरी भी डवलप होनी थी।
यह बताया गया था फायदा
कचहरी रोड पर लगने वाले जाम निजात मिलती। इस सडक़ से कचहरी रोड तथा जयपुर रोड को आपस में जोडऩा था। इससे वैकल्पिक मार्ग मिलता। तोपदड़ा, हाथभाटा, कचहरी रोड जाने वालों को सहूलियत होती। नगर निगम ने रेलवे से भी सहमति ली थी। तत्कालीन जिला कलक्टर और स्मार्ट सिटी के सीईओ गौरव गोयल ने नाले को कवर कर सडक़ बनाने की योजना बनाई थी।
जोरशोर से हुआ था शिलान्यास
पिछले साल भाजपा राज में 25 सितम्बर को ब्रह्मपुरी से तोपदड़ा नाला कवर करने का शिलान्यास तत्कालीन शिक्षा राज्यमंत्री व वर्तमान विधायक वासुदेव देवनानी, तत्कालीन महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री व वर्तमान विधायक अनिता भदेल, तत्कालीन एडीए अध्यक्ष शिवशंकर हेड़ा, महापौर धर्मेन्द्र गहलोत आदि ने किया था। नाले के सामने अभी भी शिलान्यास का पत्थर लगा हुआ है। ‘तकनीकी व लीगली सही नहीं’
स्मार्ट सिटी की बोर्ड बैठक में चेयमैन ने योजना को ड्रॉप कर दिया है। यह तकनीकी और लीगली सही नहीं है। अब्दुल रहमान बनाम सरकार मामले के अनुसार नदी नाले के नेचुरल स्वरूप से छेड़छाड़ नहीं कर सकते। नाले से आनासागर का ओवर फ्लो पानी शहर से बाहर निकलता है अधिक बरसात होने की स्थिति में परेशानी हो सकती है।
-विश्व मोहन शर्मा, सीईओ स्मार्ट सिटी, अजमेर
इंजीनियर तो यही थे उस समय ही टेक्नीकल लोगों ने निर्णय किया था उसके बाद ही उद्घाटन किया गया था। यह राजनीतिक दृष्टि से रोकने का प्रयास है। सरकार को उद्घाटन हुए कार्य को नहीं रोकना चाहिए। मामले को विधानसभा में उठाऊंगा, सरकार इस पर पुनर्विचार करे। सीईओ से मुलाकात करूंगा।
-वासुदेव देवनानी, विधायक अजमेर उत्तर
Published on:
18 Jun 2019 06:01 am
