अंत में उन्होंने कहा कि मैं कभी आवाज उठाता हूं, तो ये बात आती है कि ये मरवा देगा, ये मत बोलो, ऐसा नहीं बोलना चाहिए, अभी वक्त नहीं है…ये कौम को बुजदिल बनाने वाली बात है….हमारी कौम बुजदिल नहीं है, हम ये नहीं कह रहे कि आप किसी को डराओ, लेकिन डरना भी तो जुर्म है…ना किसी को डराओ, ना किसी से डरो। लिव एंड लेट लिव (जियो और जीने दो) प्यार-महोब्बत से रहो।