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आनंदपाल के चचेरे भाई व अनुराधा ने किया था भू-कारोबारियों का अपहरण, जानें पूरा मामला

आनंदपाल के चचेरे भाई देवेंद्रपाल, गैंगस्टर अनुराधा, गुलजारी, जितेंद्र यादव किशनगढ़ आए और यहां जमीन देखने के बहाने दोनों भू कारोबारियों को हाइवे पर बुलाया।

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Anandpal cousin and Anuradha had kidnapped land traders

मदनगंज-किशनगढ़ (अजमेर )। भू-कारोबारियों का अपहरण कर फिरौती मांगने के तकरीबन 7 साल पुराने प्रकरण में गिरफ्तार किए गए तीनों हार्डकोर अपराधियों की शिनाख्त परेड होगी। इसके लिए मदनगंज थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां न्यायाधीश ने उन्हें जेल भेजने के आदेश दिए। पुलिस तीनों आरोपियों की जेल में शिनाख्त परेड कराएगी।

प्रकरण में आनंदपाल के चचेरे भाई देवेंद्रपाल, गैंगस्टर अनुराधा, गुलजारी, जितेंद्र यादव किशनगढ़ आए और यहां जमीन देखने के बहाने दोनों भू कारोबारियों को हाइवे पर बुलाया। हाइवे से किशनगढ़ के दोनों भू कारोबारियों का अपहरण कर ले गए और फिरौती की मांग की। पुलिस टीमों के पीछा करने की आशंका से गिरोह ने दोनों भू-कारोबारियों को छोड़ दिया। प्रकरण में इससे पूर्व गैंगस्टर समेत 8 जने गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें एक विधि से संघर्षरत किशोर भी था।

सीआई नेमीचंद चौधरी ने बताया कि पूछताछ में सामने अया कि आनंदपाल के चचेरे भाई देवेंद्रपाल, बलबीर दरोगा, आजाद सिंह, अनुराधा, गुलजारी, जितेंद्र यादव समेत अन्य ने किशनगढ़ के भू-कारोबारी (प्रोपर्टी डीलर) का अपहरण किया और दो करोड़ की फिरौती मांगी। हालांकि पुलिस के पीछा करने की भनक पाकर गिरोह ने दोनों कारोबारियों को छोड़ दिया और भाग गए।


पुलिस ने प्रकरण में नागौर के मौलासर थाना क्षेत्र के निमोद निवासी बलबीर दरोगा (30), नागौर के दयानंद कॉलोनी लाडनूं निवासी आजाद सिंह (35) एवं मूलत: नागौर के जसवंतगढ़ के सांवराद एवं हाल जयपुर के निवाई रोड स्थित लालचंदपुरा ब्लॉक सालासर क्षेत्र निवासी आनंदपाल के चचेरे भाई देवेंद्रपाल (34) को गिरफ्तार कर पूछताछ की। पुलिस इन तीनों की जेल में शिनाख्त परेड कराएगी। इसके लिए पुलिस ने इन्हें पुन: कोर्ट में पेश किया, जहां से इन्हें जेल भेजने के आदेश दिए गए। मदनगंज थाना पुलिस ने तीनों हार्डकोर अपराधियों को अजमेर हाई सिक्यूरिटी जेल से मंगलवार को गिरफ्तार किया था।

यह है मामला
गुरूमुनि पुष्कर कॉलोनी मदनगंज निवासी भागचंद कोठारी ने 12 फरवरी 2015 को मदनगंज थाने में रिपोर्ट दी। इसमें बताया कि 10 फरवरी को रविन्द बहादुर भंडारी का उसके पास मोबाइल पर जयपुर की किसी पार्टी के लिए जमीन के सौदे के लिए फोन आया था। उसने बताया कि 11 फरवरी को उसके दोनों पुत्र जितेन्द्र एवं विपिन कोठारी एवं उसका मित्र राहुल कुमावत जमीन के कागजातों की नकल लेकर उनकी बालाजी मन्दिर के पास स्थित दुकान पर पुत्र को देकर आए थे। इसके बाद उनसे स्वयं को नोहरिया स्थित जमीन दिखाने की बात हुई। इस पर जितेन्द्र व विपिन एवं उनके मित्र राहुल के साथ जमीन दिखाकर ऑफिस आ गए।

उन्होंने कहा कि जयपुर की पार्टी का फोन आया कि वह जमीन देखने आज ही किशनगढ़ आ रहे हैं। शाम 6 बजे जितेन्द्र कोठारी अपनी गाडी से उसके एवं रविन्द्र बहादुर भंडारी के साथ रवाना हुए। इसके बाद जितेन्द्र कोठारी का उसके दूसरे पुत्र विपिन के मोबाइल पर फोन आया कि मैं जयपुर जा रहा हूं लगभग 3-4 घंटे में वापस आ जाउंगा। लगभग उसी समय रविन्द्र बहादुर ने अपने पुत्र को अमित भंडारी के मोबाइल पर बात कर कहा कि हम जयपुर जा रहे हैं। 3 घंटे बाद वापस आ जाएंगे। उसके पुत्र का फोन बाद में बंद हो गया एवं रवि बहादुर भंडारी को फोन मिलाया तो वह भी बंद पाया गया। उसने रिपोर्ट में दोनों का अपहरण किए जाने की आशंका जताई।