
आनासागर झील के किनारे बनेगा खूबसूरत सेल्फी पॉइंट, कैफेटेरिया में बैठकर यूं देख सकेंगे खूबसूरत नजारे
अजमेर. ऐतिहासिक आनासागर झील के किनारे शहर वासियों को अब हर मौसम में झरना बहता नजर आएगा। स्मार्ट सिटी योजना के तहत नगर निगम सर्किट हाउस के नीचे पहाड़ी पर कृतिम झरना तैयार करवा रहा है। इसका निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। आनासागर का पानी चार मोटरों व पाइप के जरिए सर्किट हाउस के नीचे पहाड़ी पर बनाए गए हौद में एकत्रित होगा इसके बाद यह पानी 400 फुट के जरिए में पहाड़ी से नीचे गिरेगा।रंगबिरंगी लाइटों के बीच बहता झरना और उसके बीच से गुजरते लोगों हो अलग ही अहसास करवाएगा। यह शहर का नया सेल्फी पॉइंट बनेगा। आनासागर की 8 किमी परिधि में पाथवे/चौपाटी का निर्माण कार्य जारी है।
2.7 किमी चौपाटी निर्माण का काम जारी
आनासागर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से विश्रामस्थली होते हुए लवकुश उद्यान तक करीब 2.7 किमी चौपाटी का निर्माण कार्य स्मार्ट सिटी योजना के तहत करवाया जा रहा है। जारी है। इसका बेस कच्चा रखा जाएगा। एसटीपी से रीजनल कॉलेज चौपाटी को जोडऩे के लिए फ्लोटिंग ब्रिज बनाया जाएगा। विश्रामस्थली में एक चंक में पौधारोपण किया जाएगा। इससे आना सागर झील में आने वाले पक्षियों को बैठने का ठिकाना मिले सके तथा चौपाटी के पास हरियाली भी हो।
कैफेटेरिया का निर्माण अंतिम चरण में
लवकुश उद्यान में कैफेटेरिया का निर्माण जल्द ही पूरा होने वाला है। 9 हजार स्क्वायर फुट में बनने वाली इस कैफेटेरिया को बारादरी के रूप में ही विकसित किया जा रहा है। भू-तल पर बरामदा बनाया गया है जिसे पाथवे/चौपाटी के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। जबकि प्रथम तल पर दो किचन के साथ कैफेटेरिया का निर्माण जारी है। यहां बैठकर सैलानी झील की खूबसूरती का दीदार करते हुए चाय की चुस्कियां ले सकते हैं। कैफेटेरिया पर पहुंचने के लिए दो रास्ते बनाए गए हैं।
दिव्यांगों को कैफेटेरिया में पहुंचने में परेशानी नहीं होगी। नगर निगम कैफेटेरिया संचालन के लिए जल्द ही निविदाएं जारी करेगा। हृदय योजना के तहत यह कार्य जून 2016 में शुरु हुआ था। बाद में डिजाइन में कुछ बदलाव के कारण समय सीमा बढ़ाई गई। यहां फ्लोरिंग, टोड़ी व छज्जे का काम ही शेष है। इसका निर्माण आरएसआरडीसी कर रही है। लवकुश उद्यान पर बन रहा कैफेटेरिया झील की सुंदरता को चार चांद लगाने वाला साबित होगा।
चौपाटी पर देर रात्रि तक लोगों कर रहे सैर
आनासागर सर्कुलर रोड पर शिव मंदिर के सामने तथा रामप्रसाद घाट पर लवकुश उद्यान से बारादरी तक 12 करोड़ रुपए की लागत से चौपाटी निर्माण कार्य कारवाया जा रहा है। चौपाटी निर्माण का यह कार्य ह्रदय योजना के तहत हुआ है। यहां हैंगिग ब्रिज भी बनाया गया है जो नई व पुरानी चौपाटी को जोड़ दिया गया है। इस चौपाटी पर दिनभर लोगों का जमावड़ा लगा रहा है जो कि देर रात्रि तक देखा जा सकता है। बारादरी को चौपाटी से जोड़ दिया गया है।
Published on:
08 Aug 2018 08:10 pm
