
mds university schemes
अजमेर. हवाई घोषणाएं करने में महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय का कोई मुकाबला नहीं है। कैंपस में ना ई-रिक्शा और साईकिल चलनी शुरू हुई हैं। ना फिल्टर प्लांट और अन्य योजनाओं का कोई अता-पता है। केवल भवनों पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाने के अलावा कोई काम शुरू नहीं हुआ है।
तत्कालीन कार्यवाहक कुलपति प्रो. भगीरथ सिंह की अध्यक्षता में सौंदर्यकरण समिति की बैठक हुई थी। इसमे कैंपस में भवनों और छात्रावास की दूरियों को देखते हुए मुख्य द्वार से ई-रिक्शा चलाने का फैसला लिया गया। साथ ही साइकिल संचालन को बढ़ावा देने पर सहमति बनी।
इसके अलावा कैंपस को कार्बन फ्री सर्टिफिकेट दिलाने की योजना बनाई गई। लेकिन साल भर से इन योजनाओं का अता-पता नहीं है।नहीं लगे आकर्षक पौधेयोजना के तहत दयानंद सरस्वती की मूर्ति को आसपास फुटपाथ पर बॉटल और डेट पाम पौधे लगाए जाने प्रस्तावित हैं। सरस्वती मां की मूर्ति के असापास फुलवारी और पौधे, विश्वविद्यालय के संपूर्ण कचरे का एनिमल हाउस के पीछे कम्पोजिट पिट बनाकर निस्तारण किया जाना है। यह काम भी अधूरे पड़े हैं।
कहां है फिल्टर प्लांट
परिसर में शुद्ध पानी के लिए फिल्टर प्लांट लगाया जाना प्रस्तावित है। टंकियों की नियमित सफाई होनी है। परिसर के बाहर सफाई, विश्वविद्यालय के बाहर मुख्य द्वार और आसपास के इलाके में झाडिय़ां हटाकर आकर्षक पेड़-पौधे, फुलवारी लगाई जानी है। लेकिन यह काम भी नहीं हो पाए हैं।
केवल हवाई घोषणाएं........
विश्वविद्यालय में पिछले 20 साल में कई हवाई योजनाएं बनाई गई। विभिन्न कुलपतियों ने कई घोषणाएं कीं, लेकिन योजनाएं अंजाम तक नहीं पहुंच सकी। उनका कागजों में ही दम टूट गया।
Published on:
24 Nov 2018 09:28 am
