
सावर (अजमेर)। ग्राम नापाखेड़ा के पास बनास नदी में सोमवार दोपहर नाव उलटने से डूबे तीनों युवकों के शव मंगलवार को बाहर निकाल लिए गए। गोताखोरों की टीम ने मंगलवार सुबह बनास नदी में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। नदी में तलाशी के दौरान एक शव घटना के 22 घण्टे बाद मिला। वहीं दो घंटे बाद अन्य दो शव भी निकाल लिए गए। पीड़ित परिवारों सहित ग्रामीणों ने मत्स्य ठेकेदार के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
मामले के अनुसार सोमवार को ग्राम नापाखेड़ा निवासी पांच युवक नाव में बैठकर बनास नदी में गए थे। अचानक नाव पलटने से वे डूब गए। उनमें से सांवरलाल मीणा व प्रवीण मीणा ने तैरकर अपनी जान बचा ली। जबकि ग्राम नापाखेड़ा निवासी संदीप मीणा, राजवीर उर्फ बिटू मीणा व कालूराम मीणा की नदी में डूबने से मौत हो गई। मंगलवार सुबह केकड़ी पुलिस ने गोताखोरों की टीमों के साथ शवों की तलाश शुरू की। गोताखोरों को पहले कालूराम का शव मिला। इसके बाद संदीप व राजवीर उर्फ बिटू के शव मिल गए।
पीड़ित परिवार सहित ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि हादसे में काल का ग्रास बने तीनों युवक बीसलपुर बांध भराव क्षेत्र की बनास नदी में मत्स्य ठेकेदार के यहां छह माह से चौकीदार का काम कर रहे थे। परिजन का आरोप है कि मत्स्य ठेकेदार ने अपने चौकीदारों को सुरक्षा उपकरण, बोट, जैकेट आदि सामग्री उपलब्ध नहीं करवा रखी थी।
विधायक शत्रुघ्न गौतम ने नदी में डूबने से मरे तीनों युवकों के परिवारों को अपनी ओर से एक-एक लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की। विधायक ने बताया कि पीड़ित परिवारों को सरकार से भी आर्थिक सहायता मुहैया करवाई जाएगी।
Published on:
11 Mar 2025 09:07 pm
बड़ी खबरें
View Allअजमेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
