
cbse result 2018
अजमेर
सीबीएसई ने शनिवार को बारहवीं के नतीजे घोषित कर दिए। कई दिनों से इंतजार कर रहे विद्यार्थियों की खुशियां बढ़ गई। लगातार ग्यारहवें साल बेटियां टॉप पर रही। अजमेर रीजन का कुल परिणाम 86.40 प्रतिशत (पिछले साल 84.20) रहा। यह पिछले साल के मुकाबले 2.20 प्रतिशत ज्यादा रहा। जबकि साल 2016 में यह 86.44 प्रतिशत था।
रीजन में छात्राओं का परिणाम 90.30 प्रतिशत रहा। बीते साल (88.60) के मुकाबले छात्राओं के परिणाम में 1.70 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। छात्रों का नतीजा महज 83.70 प्रतिशत रहा। यह पिछले साल की तुलना में 1.60 प्रतिशत ज्यादा रहा। बेटियों की कामयाबी के आगे छात्र कहीं नहीं नजर आए। छात्र और छात्राओं के परिणाम के बीच 6.60 प्रतिशत का फासला रहा।
अजमेर रीजन के तहत राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और दादर नागर हवेली के स्कूल का परिणाम घोषित हुआ। कला, वाणिज्य और विज्ञान वर्ग में 1 लाख 42 हजार 993 विद्यार्थी पंजीकृत थे। इनमें नियमित, स्वयंपाठी, अतिरिक्त विषय लेने वाले विद्यार्थी शामिल थे। इस बार 1 लाख 41 हजार 693 हजार ने परीक्षा दी। 1300 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे।
कई दिनों से था इंतजार
इस बार परीक्षाओं में पेपर आउट मामले ने बोर्ड और विद्यार्थियों को परेशान किया। बोर्ड को इकोनॉमिक्स का पेपर तो 25 अप्रेल को दोबारा कराना पड़ा था। इसके अलावा 2 अप्रेल को भारत बंद के चलते पंजाब और कई राज्यों में कुछ विषयों की परीक्षाएं 27 अप्रेल को करानी पड़ी थी। मालूम हो कि पिछले साल मॉडरेशन पॉलिसी के चलते परिणाम में विलम्ब हुआ था। दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद 28 मई को बारहवीं का परिणाम घोषित हो पाया था।
फैक्ट फाइल....
कुल पंजीकृत विद्यार्थी- 1 लाख 42 हजार 993
परीक्षा में बैठे विद्यार्थी-1 लाख 41 693
पंजीकृत छात्र-80005, उत्तीर्ण-66545
पंजीकृत छात्राएं-56966, उत्तीर्ण-51294
कुल उत्तीर्ण विद्यार्थी-1 लाख 17 हजार 839 (86.40 प्रतिशत)
सप्लीमेंट्री-9 हजार 678(7.10 प्रतिशत), (छात्राएं-3239, छात्र-6439)
अनुत्तीर्ण विद्यार्थी-8815 (6.50 प्रतिशत)
डिजिटल मार्कशीट सुविधा
सीबीएसई ने विद्यार्थियों को डिजिटल मार्कशीट की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। सभी विद्यार्थियों का डाटा डिजिटल वॉलेट में सुरक्षित रहेगा। विद्यार्थी जब चाहें तब वॉलेट से अपना डाटा चेक कर सकेंगे।
हेल्प लाइन 9 जून तक
विद्यार्थियों के सुविधार्थ सीबीएसई ने 9 जून तक हेल्पलाइन सुविधा जारी रखने का फैसला किया है। बारहवीं के विद्यार्थी कॅरिअर, कॉलेज-यूनिवर्सिटी में प्रवेश को लेकर विशेषज्ञों से चर्चा कर सकेंगे। इसी तरह दसवीं के विद्यार्थी कला, वाणिज्य और विज्ञान संकाय के विषय चयन और अन्य जानकारी ले सकेंगे।
Published on:
26 May 2018 04:17 pm
