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यहां बच्चों से करवाया जाता है 14 घंटे काम

बालश्रम रोकथाम व गुमशुदा बालकों की तलाश में प्रदेश स्तरीय आशा अभियान, आरी-तारी के कारखाने, हलवाई, हार्डवेयर व फास्टफूट सेंटर पर कर रहे थे मजदूरी
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अजमेर

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Manish Singh

Nov 16, 2019

8 जगह कार्रवाई में 17 बाल श्रमिक मुक्त

8 जगह कार्रवाई में 17 बाल श्रमिक मुक्त

मनीष कुमार सिंह

अजमेर. बालश्रम की रोकथाम व गुमशुदा बालकों की तलाश के लिए प्रदेश स्तर पर पुलिस मुख्यालय की ओर से चलाए गए 'आशाÓ अभियान में कार्रवाई अंजाम दी। मानव तस्करी विरोधी शाखा, चाइल्ड लाइन टीम ने जिलेभर में 8 थानों की पुलिस के साथ कार्रवाई करते हुए 17 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया।

मानव तस्करी विरोधी शाखा प्रभारी अशोक विश्नोई ने बताया कि जिले में अभियान के अंतिम दिन गंज थाना पुलिस ने देहली गेट क्षेत्र में आरी-तारी के कारखाने से 8, रामगंज थाना व गांधीनगर थाना (किशनगढ़) ने 2-2, आदर्शनगर, क्लॉक टावर, दरगाह, कोतवाली व बिजयनगर थाना पुलिस ने 1-1 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। पुलिस ने 8 कार्रवाई में 17 बालश्रमिक मुक्त कराए। यह बाल श्रमिक आरी-तारी के अलावा मिष्ठान भंडार, हार्डवेयर, रेस्टोरेंट, चाय की थड़ी पर काम कर रहे थे। पुलिस ने सभी प्रतिष्ठान संचालकों के खिलाफ 79 किशोर न्याय अधीनियम 2015 व आईपीसी की धारा 374 में मामला दर्जकर अनुसंधान शुरू कर दिया।

लौंगिया क्षेत्र में कारखाना

गंज थानाप्रभारी जयसिंह ने शुक्रवार दोपहर लौंगिया क्षेत्र में गली नम्बर 14 में सैयद सेफूल अली के कारखाने पर छापा मारा। संचालक सैफू अली पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही कारखाना छोड़ निकल गया। एसएचओ सिंह ने बताया कि घर के अन्दरूनी हिस्से में चल रहे आरी-तारी के बड़े कारखाने में दबिश दी। यहां पुलिस ने भीतर से कारखाना बंद कर छटनी की तो उसमें पश्चिम बंगाल मेदनीपुर से लाए गए आठ बाल श्रमिक निकले। पुलिस ने सेफूल अली के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया। पुलिस व लाइल्ड लाइन ने मुक्त करवाए गए बच्चों को बाल कल्याण समिति सदस्य के समक्ष पेश किया। जहां उन्होंने बालक

रोजाना 14 घंटे काम, 6 हजार पगार

पुलिस पड़ताल में सामने आया कि आरी-तारी का काम करने वाले बालश्रमिकों को अकुशल कारीगर से भी कम मजदूरी दी जाती है। उन्हें प्रतिदिन 12 से 14 घंटे तक काम करना पड़ता था। कार्रवाई में एएसआई हंसपाल सिंह, हैड कांस्टेबल गिरीराज सिंह, सिपाही राजेश कुमार व सीताराम साथ थे।

यहां भी हुई कार्रवाई

- आदर्शनगर थाना पुलिस ने पवन लोहिया के निर्मल ट्रेडर्स हार्डवेयर स्टोर से एक बाल श्रमिक को मुक्त कराया। पुलिस ने लोहिया के खिलाफ मामला दर्ज किया।

-रामगंज थाना पुलिस के एएसआई मुकेश कुमार यादव ने अजयनगर स्थित जनता वैल्डिंग पर कार्रवाई कर दो बालश्रमिक को मुक्त कराया। पुलिस ने अब्बास के खिलाफ मामला दर्ज किया।

-क्लॉक टावर थाना पुलिस ने टॉम एण्ड जेरी फास्ट फूड सेंटर पर कार्रवाई करते हुए बालश्रमिक को मुक्त कराया। पुलिस ने संचालक प्रदीप के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया।
-बिजयनगर थाना पुलिस ने पीपली चौक स्थित राम-श्याम मिष्ठान भंडार पर कार्रवाई कर हुए दो बालश्रमिक मुक्त कराया। पुलिस ने मिष्ठान भंडार संचालक मनोज माहेश्वरी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया।

-गांधीनगर (किशनगढ़) थाना पुलिस ने रूपनगढ़ रोड काली डूंगरी स्थित राणा बाई भोजनालय ढाबा पर कार्रवाई करते हुए बालश्रमिक को मुक्त करवाया। पुलिस ने संचालक गोपाल सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया।

-कोतवाली थाना पुलिस ने जसवन्त बैंगल्स पर कार्रवाई करते हुए एक बालश्रमिक को मुक्त कराया। पुलिस ने संचालक धर्मेन्द्र कुमार के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया।

-दरगाह थाना पुलिस ने देर शाम कार्रवाई कर चाय की थड़ी पर काम करने वाले बालश्रमिक को मुक्त कराया। पुलिस ने थड़ी संचालक कबीरूल हुसैन के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया।

14 बच्चों को परिजन से मिलवाया

चाइल्ड लाइन संस्था के समन्वयक कुशाल सिंह रावत ने बताया कि 15 अक्टूबर से शुरू हुए अभियान में 9 कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इसमें 19 बालश्रमिकों को मुक्त कराया गया। वहीं 14 गुमशुदा बच्चों की तलाश कर उन्हें परिजन से मिलवाया गया।