
college building
अजमेर.
चुनाव आचार संहिता के चलते राजकीय आचार्य संस्कृत कॉलेज के नए भवन का लोकार्पण अटक गया है। अब 11 दिसम्बर को चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इसका लोकार्पण संभव है।
संस्कृत कॉलेज को करीब 18 साल पहले तत्कालीन नगर सुधार न्यास के सदर रहे डॉ. श्रीगोपाल बाहेती ने लोहागल गांव में पांच बीघा भूमि आवंटित की। लेकिन कई साल तक भवन नहीं बन पाया। शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी के पत्राचार के बाद सरकार ने भवन के लिए 6.54 करोड़ रुपए आवंटित किए।
पूर्व प्राचार्य एवं निदेशक डॉ. आर. के. दाधीच ने भूमि की रजिस्ट्री और अन्य कार्रवाई की। इसके बावजूद चारदीवारी और अन्य निर्माण नहीं हुए। इस दौरान कॉलेज की जमीन पर जलदाय विभाग की पानी की टंकी बन गई। अथक प्रयासों के बाद बीते साल उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने इसका शिलान्यास किया।
आचार संहिता ने लगाए ब्रेक
लोहागल गांव में कॉलेज का नया भवन बन चुका है। लेकिन चुनाव आचार संहिता के चलते इसका लोकार्पण अटक गया है। मौजूदा वक्त कॉलेज गंज थाने के निकट पुराने भवन में संचालित है। यहां पर्याप्त संसाधन नहीं है। निदेशालय नए भवन से जुड़े सुरक्षा और अन्य प्रमाण पत्र मंगवा चुका है।
छात्रसंघ कार्यालय उद्घाटन भी अटका
छात्रसंघ चुनाव के नतीजे 11 सितम्बर को घोषित हुए थे। कॉलेज के छात्रसंघ कार्यालय का उद्घाटन भी नहीं हुआ है। आचार संहिता के चलते अब उद्घाटन संभव नहीं है। इस मामले में छात्रसंघ पदाधिकारी कई बार प्राचार्य को ज्ञापन भी दे चुके हैं।
इनका कहना है
कॉलेज का नया भवन तकरीबन तैयार हो चुका है। चुनाव आचार संहिता लग चुकी है। इसके बाद ही लोकार्पण संभव है।-विनय कुमार झा, प्राचार्य संस्कृत कॉलेज
Published on:
17 Oct 2018 08:15 am
