
diploma course admission
अजमेर.
कोरोना लॉकडाउन से राज्य के सरकारी और निजी पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्रवेश कार्यक्रम में भी देरी हो सकती है। दरअसल इन कॉलेज के प्रवेश दसवीं और बारहवीं कक्षा के नतीजों पर निर्भर हैं। सीबीएसई और राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं और परिणाम जारी होने के बाद तकनीकी शिक्षा विभाग दाखिलों का कार्यक्रम तय करेगा।
राज्य में सरकारी और निजी पॉलेटेक्निक कॉलेज में डिप्लोमा इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम की करीब 50 हजार सीट हैं। इनमें सरकारी कॉलेज में 4 हजार 566 और निजी कॉलेज में 46 हजार सीट हैं। विभिन्न कॉलेज के पाठ्यक्रमों में विद्यार्थी प्रवेश लेते हैं। प्राविधिक शिक्षा मंडल जोधपुर इनके केंद्रीयकृत प्रवेश करता है।
दसवीं-बारहवीं के परिणाम अहम
कोरोना लॉकडाउन के चलते सीबीएसई और राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बेार्ड की दसवीं और बारहवीं की कई परीक्षाएं बाकी हैं। दोनों बोर्ड बकाया परीक्षाएं कराने के बाद परिणाम जारी करेंगे। पॉलीटेक्निक कॉलेज के डिप्लोमा कोर्स में दसवीं और बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण विद्यार्थी दाखिले लेते हैं। प्रतिवर्ष जून अंत अथवा जुलाई में प्रवेश कार्यक्रम प्रारंभ होते हैं। इस बार कई सेमेस्टर की परीक्षाएं भी बकाया हैं। लिहाजा प्रवेश कार्यक्रम में देरी हो सकती है।
तीन साल पहले थे ये हाल
साल 2016 में पॉलीटेक्निक सहित इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिलों के हाल बहुत बुरे थे। पूरे राज्य में अगस्त के पहले पखवाड़े तक 82 हजार से ज्यादा सीट रिक्त थी। इंजीनियरिंग कॉलेज में तो केंद्रीयकृत व्यवस्था के बावजूद दाखिलों में विद्यार्थियों ने खास रुझान नहीं दिखाया था।
इन पाठयक्रमों में होते हैं प्रवेश
सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंस्ट्रूमेंटेशन, प्रिंट टेक्नाोलॉजी, कम्प्यूटर, फैशन डिजाइनिंग, कॉस्मेटिक्स एन्ड ब्यूटी और अन्य
Published on:
27 Apr 2020 07:34 am
