
अजमेर. जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में एक कोरोना संदिग्ध मरीज को भर्ती किया गया है। मरीज फुलेरा रेलवे स्टेशन पर गुड्स गार्ड के रूप में कार्यरत है। चिकित्सकों को मरीज ने अपनी ट्रेवल हिस्ट्री में बताया कि उसने 24 फरवरी को इटली के पर्यटक के साथ ट्रेन में सेल्फी ली थी। सर्दी, जुकाम होने पर संदिग्ध मानते हुए उसे भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया। उधर, चिकित्सा विभाग के अधिकारी पहले से मरीज के टीबी रोगी होने जानकारी देते हुए कोरोना संदिग्ध होने से इंकार किया है।
जेएलएन अस्पताल में जयपुर अवधपुरी निवासी और फुलेरा स्टेशन पर गार्ड के रूप में काम करने वाले व्यक्ति ने कोरोना की आशंका के चलते जांच करवाई। चिकित्सकों ने भी उसकी ट्रेवल हिस्ट्री की जानकारी अनुसार उसे कोरोना संदिग्ध मान कर आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया। बताया जा रहा कि मरीज पहले से टीबी का मरीज है। सर्दी, जुकाम व बुखार होने पर उसके दिमाग में सेल्फी की बात घर कर गई। मरीज का सेम्पल जयपुर एसएमएस मेडिकल कॉलेज में भिजवाया गया है। जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट हो कि कोरोना पॉजीटिव है या नेगेटिव। मरीज खुद ही ट्रेन से अजमेर पहुंचा।
सवाल यह तो मांगते जवाब
-ट्रेन में सेल्फी लेने वाले पर्यटक कोरोना संदिग्ध था या नहीं।
-हर विदेशी पर्यटक से बात करने पर संदिग्ध माना जा सकता है क्या?
-मरीज जयपुर निवासी व फुलेरा में कार्यरत, फिर अजमेर कैसे भर्ती हुआ?
-मरीज पहले से टीबी से पीडि़त, कहीं स्वाइन फ्लू संदिग्ध तो नहीं।
-चिकित्सा विभाग व जेएलएन अस्पताल में सामंजस्य क्यों नहीं?
इनका कहना है
मरीज के सेल्फी का कारण बताने से कोरोना संदिग्ध नहीं हो जाता। स्वाइन फ्लू संदिग्ध भी हो सकता है। हालांकि उन्हें जानकारी नहीं मिली है। फिर भी कल चिकित्सकों को भी निर्देशित किया जाएगा।
डॉ. अनिल जैन, अधीक्षक जेएलएन अस्पताल
Published on:
08 Mar 2020 09:57 pm
