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नहीं चल पाएगा अब यह खतरनाक खेल, यूं लगेगा हाई वोल्टेज करन्ट

एक राज्य के भीतर ही माल का परिवहन करने पर चैकिंग कर सकेगा। हालाकि अभी भी विभाग समझाइश कर ई-वे बिल बनाने का मौका देगा।
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e-way bill

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दिलीप शर्मा/ अजमेर।

एकल कर प्रणाली गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी ) के तहत अब कर चोरी के मामले पकड़े जाने पर माल भेजने वाले व्यापारी या मालिक ने खुद को छिपाने का प्रयास किया तो माल पर शत प्रतिशत जुर्माना लगेगा। यानी कर के साथ माल की कीमत के बराबर जुर्माना राशि वसूली जाएगी।

राज्य कर विभाग (वाणिज्य व बिक्री कर) के उपायुक्त (प्रशासन) दिनेशचंद गुप्ता ने बताया कि कर चोरी के मामले में जब कोई माल पकड़ा जाता है तो उसके जीएसटी स्लैब अनुसार कर वसूली की जाती है। अधिकांश माल पांच से 18 प्रतिशत के दायरे में होता है।

माल की कीमत के अनुसार उससे कर वसूली व निर्धारित जुर्माना लिया जाता है। इसमें खास बात यह है कि यदि मालिक या व्यापारी जब्त माल की कर अदायगी के वक्त खुद को छुपाने का प्रयास करता है और कंपनी या फर्म के मैनेजर स्टाफ या ड्राइवर के नाम से जुर्माना जमा कराने का प्रयास करता है या उसके नाम रसीद कटाता है तो उससे माल की कीमत के बराबर जुर्माना वसूला जाएगा।

यह होता था पहले वैट प्रणाली में
बिक्री कर विभाग वैट प्रणाली के तहत माल की कीमत का 30 प्रतिशत जुर्माना वसूलता था। यदि कोई व्यापारी स्वयं माल को कंपाउंड कर जुर्माना अदा करने का प्रस्ताव देता है तो माल की कीमत का चार गुना वसूली होती थी या माल की कीमत का 25 प्रतिशत। इनमें से जो भी कम हो।

राज्य के भीतर भी माल परिवहन की चैकिंग
राज्य कर विभाग (वाणिज्य व बिक्री कर विभाग) अब राज्य के भीतर भी माल परिवहन करने पर ई-वे बिल की चैकिंग कर सकेगा। अब तक राज्य से बाहर माल ले जाने व लाने के लिए ई-वे बिल की अनिवार्यता थी लेकिन अब विभाग एक राज्य के भीतर ही माल का परिवहन करने पर चैकिंग कर सकेगा। हालाकि अभी भी विभाग समझाइश कर ई-वे बिल बनाने का मौका देगा।

जीरे से भरा ट्रक पकड़ा, 2 लाख जुर्माना लगाया
राज्य कर विभाग ने हाइवे चैकिंग के दौरान बिना ई-वे बिल के जीरे से भरा एक ट्रक पकड़ा है। ट्रक ऊंझा से दिल्ली जा रहा था। विभाग ने माल पर करीब दो लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। अब तक विभाग करीब 10 लाख से अधिक का जुर्माना वसूल चुका है। यह माल बगैर ई-वे बिल ले जाया जा रहा था।