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किसान व्यक्तिगत स्तर पर भी कर सकेंगे खराबे का आंकलन, 72 घंटे में सीधे कंपनी को कराएं दर्ज

फसल कटाई के 14 दिन बाद तक भी खेत में सुखाई गई फसल में खराबे का मिलेगा मुआवजा
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wheat crop

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अजमेर. खेत में फसल कटाई के बाद 14 दिनों से सुखाने के लिए रखी गई, कटी हुई अधिसूचित फसल को चक्रवात, चक्रवाती वर्षा, बेमौसमी वर्षा एवं ओलावृष्टि से नुकसान होने पर किसान आपदा के 72 घंटे में संबंधित बीमा कंपनी को सूचित कर सकता है। किसान अपने स्तर पर फसल खराबे का आंकलन व्यक्तिगत बीमित कृषक के स्तर पर किए जाने का प्रावधान है।

अजमेर जिले के केकड़ी, सावर एवं सरवाड़ सहित अन्य क्षेत्र में बेमौसम की बारिश एवं ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है। प्रशासन एवं राजस्व विभाग अपने स्तर पर खराबे का आंकलन कर रहा है। मगर अगर बीमित फसल है तो कृषक अपने स्तर पर भी खराबे का आंकलन कर सकता है। यही नहीं किसान की ओर से फसल खराबे के 72 घंटे के भीतर बीमित कंपनी के टोल फ्री नम्बर एवं अन्य नम्बरों पर सूचना दिया जाना अनिवार्य है। वहीं लिखित में सूचना अधिकतम सात दिन में अपने या कृषि अधिकारियों के माध्यम से दिया जाना आवश्यक है।

इन नम्बरों पर कर सकते हैं शिकायत

एग्रीकल्चर इन्शोरेन्स कंपनी ऑफ इण्डिया लि.1800 103 0061, एसबीआई जनरल इंश्योरेन्स कंपनी लि. 0141-2545227, इफ्को टोकियो जनरल इंश्योरेन्स कंपनी लि. 18001035499, टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लि. 18002093536, एचडीएफसी एग्रो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लि. 18002660700 पर तथा लिखित में अधिकम सात दिवस में अपने बैंक के माध्यम से अथवा कृषि विभाग के अधिकारियों के माध्यम से सूचित करना आवश्यक है।

कई गांव व किसानों पर नहीं नजर

विगत दो तीन दिनों में बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि के बावजूद कई गांवों में नुकसान के बावजूद प्रशासन का ध्यान नहीं गया है। पारा, धूंधरी आदि में भी नुकसान हुआ है। पारा में तो कई खेतों में गेहूं एवं जौ की फसलें खड़ी हैं तो कुछ जगह खेतों में फसलें कटी हुई पड़ी हैं। ऐसे में किसानों को जागरूकता का परिचय देना चाहिए।