
कोरोना का भय : बारात न बैण्डबाजा,बगैर घोड़ी पर बैठे तारण मार आए दूल्हेराजा
Fear of Corona : अजमेर. कोरोना संक्रमण से सब प्रभावित हैं। व्यापार-व्यवसाय चौपट हो रहा है। बाजार सूने हैं। निजी व सरकारी दफ्तरों पर ताले लटके हैं। परिवहन साधन बंद हैं। धार्मिक समारोह व वार्षिक मेले निरस्त हो गए। ऐसे में भला विवाह समारोह कैसे संभव हैं।
आखातीज का अबूझ सावा नजदीक है। यदि कोरोना के चलते लॉकडाउन जारी रहा तो विवाह समारोह नहीं हो पाएंगे। बारात का धूमधड़ाका, सामूहिक भोज के लजीज व्यंजन, आकर्षक विद्युत सजावट, नगाड़ा-शहनाई की गूंज व अन्य सामू्हिक मांगलिक कार्यों पर ‘ग्रहण’ लग सकता है।
दोनों सगे भाई दूल्हों ने तोरण मारा
ऐसा ही एक मामला अजमेर जिले के सेंदरिया गांव में सामने आया है। यहां गोपाल सिंह के दो बेटों संजू व अभय सिंह का विवाह 24 मार्च को होना था,लेकिन इससे शादी की रस्मे आनन-फानन में निभाई गई। कुछ चुनिंदा परिजन एक जीप के जरिए लाडपुरा स्थित सरदार सिंह रावत के घर पहुंचे। दोनों सगे भाई दूल्हों ने तोरण मारा और सात फेरे के बाद लाडपुरा निवासी दो सगी बहनों सीमा व बीना को ब्याह कर घर ले आए।
ढाई हजार कार्ड वितरित
गोपाल सिंह के अनुसार दोनों बेटों के विवाह को लेकर पूरी तैयारियां कर ली गई थी। हलवाई, बैण्डबाजा, विवाह समारोह स्थल, टेंट हाउस, बारात की बस सहित अन्य के लिए एडवांस राशि का भुगतान भी कर दिया था। करीब ढाई हजार लोगों को निमंत्रण कार्ड भी वितरित कर दिए। सामूहिक भोज के लिए खाद्य सामग्री भी खरीद ली गई,लेकिन सभी तैयारियां धरी रह गई।
बाद में होगा भोज का आयोजन
दूल्हों के पिता गोपाल के अनुसार विवाह को लेकर बड़ा उत्साह और उमंग था। बहन-बेटियां घर पर आ गई थी। गणपति न्योता, बिंदायक, मेहंदी की रस्म, मांगलिक गीत सहित अन्य कार्य तो विधिवत हो गए,लेकिन बारात व सामूहिक भोज का मजा किरकिरा हो गया। विवाह भोज का आयोजन Corona कोरोना का असर खत्म होने के बाद करेंगे।
Updated on:
24 Mar 2020 11:45 pm
Published on:
24 Mar 2020 07:41 pm
