1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गैंगस्टर लॉरेन्स विश्नोई के खास गुर्गे विक्रम बराड़ को हुई ये बीमारी, मूसेवाला मर्डर की साजिश में शामिल

गैंगस्टर लॉरेन्स विश्नोई के खास गुर्गे हार्डकोर अपराधी विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्रम बराड़ की हाई सिक्योरिटी जेल में याददाश्त कमजोर हो चुकी है। उसे भूलने की बीमारी सहित पैर दर्द, आंखों में कमजोरी व माइग्रेन रहने लगा है।

2 min read
Google source verification

अजमेर। गैंगस्टर लॉरेन्स विश्नोई के खास गुर्गे हार्डकोर अपराधी विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्रम बराड़ की हाई सिक्योरिटी जेल में याददाश्त कमजोर हो चुकी है। उसे भूलने की बीमारी सहित पैर दर्द, आंखों में कमजोरी व माइग्रेन रहने लगा है।

मंगलवार सुबह बराड़ को कड़ी सुरक्षा में जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के आउटडोर में लाया गया। बराड़ के पहुंचने से पूर्व कोतवाली थाना पुलिस ने आउटडोर को पुलिस छावनी बना दिया। कमांडो उसे लेकर आउटडोर पहुंचे। जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लिया। बराड़ ने चिकित्सकों को उसकी याददाश्त कमजोर होने की जानकारी दी। उसे अपनी पुरानी बातें याद नहीं रहती। उसने पेट और पैर दर्द के साथ माइग्रेन की समस्या बताई। जांच के बाद पुन: कड़ी सुरक्षा में जेल पहुंचाया गया।

…मां से नहीं हो पाती बात

पत्रिका की पड़ताल में उसके हाई सिक्योरिटी जेल आने के बाद मां से बात नहीं होना सामने आया। उसे हार्डकोर बंदियों को मिलने वाली एसटीडी कॉलिंग सुविधा भी नहीं दी गई है।

मूसेवाला मर्डर की साजिश में शामिल

हनुमानगढ़ निवासी बराड़ के खिलाफ लूट, हत्या समेत दर्जनों केस दर्ज हैं। पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की 29 मई 2022 को हुई हत्या की साजिश व फिल्म स्टार सलमान खान को जान से मारने की धमकी के मामले में भी वह नामजद है।

भेजा जाएगा पंजाब

विक्रमजीत सिंह बराड़ को चौमूं पुलिस ने ज्वैलर्स की दुकान पर अप्रेल 2021 में डकैती की वारदात अंजाम देने के मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद पंजाब से जयपुर लाए जाने के बाद से वह हाई सिक्योरिटी जेल में है। सूत्रों के मुताबिक राजस्थान पुलिस जल्द ही उसे पंजाब भेजेगी।

इनका कहना है…

विक्रमजीत सिंह बराड़ को मल्टीपल डिजीज है। कमर के नीचे काफी चोट है। पैर में फ्रेक्चर के चलते चलने में वॉकर का इस्तेमाल करता है। मेडिकल आधार पर उसे जेएलएन अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया था।

पारस जांगिड़, अधीक्षक हाई सिक्योरिटी जेल