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बरसों से नहीं मिली इस पेटी की चाबी, अंदर छुपा है गहरा राज

एक वर्ष से अधिक समय निकल जाने के बाद भी निदेशालय ने इन शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की है।

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grievance box

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ब्यावर

कॉलेज निदेशालय की ओर से महाविद्यालयों में रखवाई गई शिकायत पेटी बेमानी साबित हो रही है। शिकायतों का समाधान तो दूर विद्यार्थियों की सुविधा के लिए महाविद्यालय की शिकायत पेटी में डाली गई शिकायतों को देखने की जहमत तक नहीं उठाई गई है। इसके पीछे कारण यह है कि शिकायत पेटी की चाबी निदेशालय के पास है। गत दिनों निदेशालय की टीम निरीक्षण करने आई भी, लेकिन इसकी सुध नहीं ली।

गत दो वर्ष पूर्व कॉलेज निदेशालय की ओर से आदेश दिए गए थे कि महाविद्यालय में व्याख्याता यदि समय पर कक्षाएं नहीं लेता या विद्यार्थी को कोई समस्या हो तो वह अपनी शिकायत उस पेटी में डाल सकता है, जहां इस शिकायत का निवारण स्वयं निदेशालय की ओर से किया जाना था।

वहीं निदेशालय ने इस शिकायत पेटी पर ताला लगा कर चाबी भी स्वयं के पास रखी है, जिससे कॉलेज प्रशासन को गडबड़ ना कर सके। इस आदेश के बाद सनातन धर्म राजकीय महाविद्यालय में भी विद्यार्थियों के लिए शिकायत पेटी रखी गई है। लेकिन एक वर्ष से अधिक समय निकल जाने के बाद भी निदेशालय ने इन शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की है।

टीम आई फिर भी नहीं नहीं ली सुध
करीब डेढ़ माह पहले निदेशालय की टीम कॉलेज का निरीक्षण करने आई। इस दौरान टीम ने महाविद्यालय का निरीक्षण किया। लेकिन इस शिकायत पुस्तिका की ओर ध्यान ही नहीं गया। ऐसे में सालों से शिकायत पेटी की सुध ही नहीं ली गई है। ऐसे में यदि सुझाव या शिकायत आई भी है तो उस पर क्रियान्विति कैसे होगी।

अन्य कॉलेज भी यही हाल

ब्यावर के अलावा अजमेर, किशनगढ़, सरवाड़, केकड़ी और अन्य कॉलेज का भी कमोबेश यही हाल है। सभी कॉलेज में पेटिकाएं दिखवाटी बनी हुई हैं। ना विद्यार्थियों ना कॉलेज प्रशासन को इनसे कोई सरोकार है। पेटियों में यदा-कदा कोई सुझाव या शिकायत डालने पर वह वहीं पड़ी रहती है।

शिकायत पेटी रखी हुई है लेकिन पोर्टल पर शिकायतें आ जाती हैं। एक दो शिकायतें आई थी जिनका निराकरण करवा दिया गया है। शिकायत पेटी की चॉबी निदेशालय के पास ही रहती है।

आर.सी. लोढा, प्राचार्य, एसडी कॉलेज, ब्यावर