Heavy rain in ajmer: कभी भी खुल सकते हैं बीसलपुर बांध के गेट

Heavy rain in ajmer: कभी भी खुल सकते हैं बीसलपुर बांध के गेट

raktim tiwari | Updated: 17 Aug 2019, 04:14:53 PM (IST) Ajmer, Ajmer, Rajasthan, India

आनासागर और पुष्कर में पानी की आवक का कई साल का रिकॉर्ड टूट गया। जिले में भी तालाबों और बांधों, एनिकट में पानी की आवक हुई।

अजमेर. बरसात (barsat) ने अजमेर शहर और जिले को तरबतर (rain water) कर दिया है। अजमेर सहित तीन जिलों की प्यास बुझाने वाले बीसलपुर बांध (bisalpu dam) में 314.40 आरएल मीटर से ज्यादा पानी आ चुका है। बांध के गेट कभी भी खोले जा सकते हैं। इसको लेकर जिला प्रशासन समेत देवली उपखंड अधिकारी ने हाई अलर्ट (high alert) घोषित किया है।

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यूं तो जिले में जून अंत में ही बरसात (barish)की शुरुआत हो गई, पर मानसून (monsoon)जुलाई के प्रथम सप्ताह में सक्रिय हुआ है। जिले में 1 जून से 4 जुलाई तक महज 35 मिलीमीटर बारिश हुई थी। इसके बाद 5 से 7 जुलाई तक मानसून के जिले के पीसांगन, अजमेर, ब्यावर, रूपनगढ़, पुष्कर को झमाझम बरसात (heavy rain in ajmer) से भिगोया। इससे बरसात का आंकड़ा बढकऱ 89.2 मिलीमीटर तक पहुंच गया। सावन (sawan) की शुरुआत बीती 17 जुलाई को हुई। इस दौरान मामूली टपका-टपकी (rain shavers) का दौर चला। बारिश का आंकड़ा 160.72 मिलीमीटर तक पहुंचा। इसके बाद 25 से 29 जुलाई तक जिले पर मानसून मेहरबान रहा। इस दौरान 157.83 मिलीमीटर बारिश हुई। इससे बरसात का आंकड़ा बढकऱ 318.55 मिलीमीटर तक पहुंच गया।

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महज 15 दिन में बदला नजारा
1 से 15 अगस्त के बीच जिले में घटाओं ने ताबड़तोड़ पानी बरसाया। अजमेर में 1 अगस्त को 114.2, पुष्कर में 130 मिलीमीटर बरसात हुई। जिले में पीसांगन, मांगलियावास, भिनाय, अजमेर, केकड़ी, पुष्कर और अन्य इलाकों में जमकर पानी बरसा। आनासागर (anasagar) और पुष्कर (pushkar )में पानी की आवक का कई साल का रिकॉर्ड (record break) टूट गया। जिले में भी तालाबों और बांधों, एनिकट में पानी की आवक हुई। मालूम हो मानसून की 122 दिन की अवधि के दौरान जिले की औसत 550 मिलीमीटर मानी गई है।

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कब-कब पूरा भरा बीसलपुर बांध (bisalpur)
2005-315.50
2006-315.50
2013-315.00
2014-315.50
2015-315.50
2016.315.50

सात साल बाद टूटा रिकॉर्ड
कम बारिश और अलनिनो प्रभाव (alnino effect) के चलते जिले ने पिछले सात साल से औसत बरसात का 550 मिलीमीटर का आंकड़ा नहीं छुआ है। 1 जून से 30 सितंबर तक की मानसून अवधि (monsoon period) में साल 2012 में 520.2, 2013 में 540, 2014 545.8, 2015 में 381.44, 2016 में 512.07, 2017 में 450 और 2018 में 355 मिलीमीटर बारिश हुई थी। इस बार 1 जून से 16 अगस्त तक ही 550 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। सात साल बाद बरसात (rain record)ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

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