
केदारनाथ त्रासदी
तरुण कश्यप
अजमेर. केदारनाथ में नौ साल पहले बादल फटने के कारण हुए हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजन आज भी उस त्रासदी को भुला नहीं पाए हैं। आर्थिक सहायता देकर उनके जख्मों पर तत्काल मरहम तो लगा दिया लेकिन मृतक आश्रितों को राज्य सरकार की ओर से अनुकम्पा नियुक्ति देने का आश्वासन अभी तक पूरा नहीं हो सका है। हादसे में प्रदेश के 511 लोगों की जान गई थी। इनके आश्रित परिवारों को एक बार फिरअनुकम्पा नियुक्ति मिलने की आस जगी है। हादसे के शिकार हुए लोगों में अजमेर जिले के भी 28 जने हैं।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हाल ही में एक ट्वीट कर इनके आश्रित परिवारों को अनुकम्पा नियुक्ति देने की घोषणा की है। ये परिवार सरकार की पहली घोषणा के बाद से ही अनुकम्पा की उम्मीद लगाए बैठे थे।
प्रशासन की ओर से त्रासदी से संबंधित आश्रित परिवार की पहले भी कई बार सूचियां मांगी गई, लेकिन नियुक्ति नहीं मिली। आश्रितों को लेकर आपदा प्रबंधन सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग ने गत वर्ष 01 नवम्बर को भी सभी जिलों से अनुकम्पा नियुक्ति के लिए आश्रितों के नाम आदि की जानकारी मांगी थी।
दिया था राहत पैकेज
त्रासदी में प्रदेश के मृतक और स्थाई रूप से लापता व्यक्तियों के लिए राज्य सरकार ने 29 जुलाई, 2013 को राहत पैकेज दिया था, जिसमें एक आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति का प्रावधान रखा। लेकिन, 28 अगस्त, 2014 को यह प्रावधान खत्म कर दिया गया। अब सरकार ने फिर नए सिरे से अनुकम्पा नियुक्ति देने का निर्णय किया है।
बदल गया निर्णय
जून, 2013 की केदारनाथ त्रासदी के बाद तत्कालीन सीएम अशोक गहलोत ने प्रदेश के पीड़ित परिवारों के लिए 29 जुलाई, 2013 को राहत पैकेज जारी किया था। इसमें सहायता राशि के अलावा एक आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति का प्रावधान रखा। प्रक्रिया भी शुरू हो गई, लेकिन प्रदेश में सरकार बदलने के साथ ही 28 अगस्त, 2014 को अनुकम्पा नियुक्ति का प्रावधान खत्म कर दिया गया।
यह है मामला
प्रदेश के 511 लोग 9 साल पहले केदारनाथ त्रासदी के शिकार हुए थे। इसके बाद राजस्थान और उतराखण्ड सरकार ने मृतक आश्रितों को आर्थिक सहायता व नौकरी देने का वादा किया था। तत्कालीन राज्य सरकार ने प्रभावित आश्रित को नौकरी के अलावा 5-5 लाख अनुग्रह राशि का पैकेज देने की घोषणा की थी। उतराखंड सरकार ने भी ढाई-ढाई लाख रुपए देने की घोषणा की थी।
अजमेर से गया था जत्था
केदारनाथ यात्रा के लिए अजमेर जिले से भी तीर्थ यात्रियों का जत्था गया था। इसमें से अधिकांश केकड़ी क्षेत्र के थे। त्रासदी के बाद इनमें से कुछ तो सकुशल लौट आए लेकिन 28 जने आज भी लापता हैं। इनके परिजन को अनुकम्पा नियुक्ति का इंतजार है।
केकड़ी के गोपीचंद चौधरी का कहना है अजमेर जिले से जो लोग 2013 में केदारनाथ गए थे, उनमें मेरी पत्नी भी शामिल थीं। वह आज तक नहीं लौटी हैं। पुत्री ने अनुकम्पा नियुक्ति के लिए आवेदन किया है। अभी तक तो नहीं मिली।
केकड़ी के अमरचंद टेलर का कहना है मेरे बड़े भाई केकड़ी से केदारनाथ यात्रा के लिए गए थे। हादसे में जान गंवाने वालों में वह भी थे। तत्काल आर्थिक सहायता तो मिल गई लेकिन उनकी पत्नी को अनुकम्पा नियुक्ति का इंतजार है।
प्रदेश में इतनी जानें गई थी
जयपुर 236
कोटा 57
जोधपुर 29
अजमेर 28
उदयपुर 22
करौली 19
दौसा 16
सवाई माधोपुर 11
अलवर 10
झालावाड़ 09
राजसमंद 09
भरतपुर 08
भीलवाड़ा 07
चित्तौडग़ढ़ 07
धौलपुर 07
झुंझुनूं 06
चूरू 05
टोंक 04
प्रतापगढ़ 04
नागौर 03
जालोर 03
डूंगरपुर 02
बूंदी 02
पाली 02
सीकर 02
बांसवाड़ा 01
बारां 01
सिरोही 01
Published on:
04 Aug 2022 07:10 pm
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