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ख्वाजा गरीब नवाज उर्स का कल बेहद अहम दिन, चूके तो इबादत का मौका गंवा देंगे

Khwaja Garib Nawaz Urs : विश्व प्रसिद्ध ख्वाजा गरीब नवाज का सालाना 812वां उर्स आठ जनवरी 2024 को झंडे की रस्म के साथ शुरू होगा। कल यानि की सोमवार को बुलंद दरवाजे पर उर्स का झंडा चढ़ेगा।

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Khwaja Garib Nawaz Urs

सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के 812वें उर्स का झंडा सोमवार शाम दरगाह के बुलंद दरवाजे पर चढ़ाया जाएगा। भीलवाड़ा का गौरी परिवार यह रस्म अदा करेगा। उर्स विधिवत रूप से रजब का चांद दिखाई देने पर शुरू होगा। इससे पहले सोमवार को ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह के बुलंद दरवाजे पर भीलवाड़ा के लाल मोहम्मद गौरी के पोते फखरूदीन झंडा चढ़ाने की रस्म अदा करेंगे। झंड़ा चढ़ाने की रस्म के साथ उर्स की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी। ढोल-ताशे के बीच दरगाह गेस्ट हाउस से झंडे का जुलूस निकाला जाएगा। शाही कव्वाल कलाम पेश करते चलेंगे। उर्स का झंडा विभिन्न मार्गों से होकर निजाम गेट, शाहजहांनी गेट होते हुए बुलंद दरवाजे तक पहुंचेगा। यहां गौरी परिवार झंडे को चढ़ाने की रस्म पूरा करेगा।

उर्स करीब 15 दिन चलेगा

सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का उर्स करीब 15 दिन चलेगा। औपचारिक रूप से उर्स की शुरुआत चांद दिखने के साथ 12 या 13 जनवरी को होगी। उसके बाद जन्नती दरवाजा खोला जाएगा और धार्मिक रस्में शुरू होंगी।

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25 तोपों की सलामी होगी

जुलूस के दरगाह गेस्ट हाउस से शुरू होकर लंगरखाना गली व निजाम गेट होते हुए बुलंद दरवाजा तक पहुंचने के दौरान सुफीयाना कलाम व 25 तोपों की सलामी होगी। इस साल उर्स में 2.50 से 3.50 लाख जायरीन के उर्स में शामिल होने की उम्मीद की जा रही है। उर्स का झंडा तैयार हो चुका है। पुष्कर रोड अद्वैत आश्रम स्थित ओमप्रकाश वर्मा और उनके पुत्र सुभाषचंद्र का परिवार 70 साल से झंड़ा तैयार कर रहे हैं। पहले ओमप्रकाश के पिता गणपतलाल फलोदिया झंडे की सिलाई करते थे।

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