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आप भी पढ़ें आखिर महिला को शर्मसार होकर क्यों करना पड़ा gents toilet का इस्तेमाल

संभाग के सबसे बड़ा जवाहरलाल नेहरू अस्पताल प्रशासन महिलाओं के प्रति संवेदनशील नहीं है।

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lady use gents toilet in jln hospital because of lock in ladies toilet

अजमेर . संभाग के सबसे बड़ा जवाहरलाल नेहरू अस्पताल प्रशासन महिलाओं के प्रति संवेदनशील नहीं है। शिशुरोग विभाग में महिलाओं की सुविधा पर ताले लगे हैं। ऐसे में महिलाओं को मजबूरन पुरुषों की सुविधा (टॉयलेट) का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। ऐसा तब है जब केन्द्र और राज्य सरकार महिलाओं के लिए टॉयलेट बनवाने के लिए अभियान चला रही है लेकिन इससे अस्पताल प्रशासन को इससे कोई सरोकार नहीं है।

शिशु रोग विभाग के आउटडोर में सोमवार दोपहर बच्चे के चिकित्सकीय परामर्श के लिए आई समुदाय विशेष की महिला को जब महिला सुविधा कक्ष पर ताला जड़ा मिला तो वह असहज हो गई। उसने झिझकते हुए सामने पुरुष सुविधा कक्ष का इस्तेमाल करने दाखिल हो गई लेकिन तभी एक पुरुष तेजी से भीतर जाने लगा।

उसे रोका गया तो वह पुरुष सुविधा का हवाला देकर दाखिल होने लगा। जब उसे महिला के भीतर होने की बात कही तो वह भी तुरन्त असहज होकर वापस लौट आया। उसको जब महिला सुविधा कक्ष (टॉयलेट) ताले की बात कही गई तो वह परेशान समझ अस्पताल प्रशासन की सोच पर आश्चर्य करने लगा। महिला के बाहर आने के बाद ही वह अन्दर जा सका।


यह कैसी व्यवस्था!

यहां मौजूद महिलाओं ने बताया कि शिशुरोग विभाग में महिलाओं की संख्या ज्यादा रहती है। आउटडोर में रोजाना करीब 500 से एक हजार बच्चे और उनकी माताएं पहुंचती हैं लेकिन महिला सुविधा कक्ष पर ताला जड़ा होने से चलते महिलाओं को अस्पताल परिसर में इधर-उधर भटकना पड़ता है या फिर पुरुष सुविधा कक्ष का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।


पहले महिला टॉयलेट खुला हुआ था लेकिन असामाजिक तत्व टॉयलेट की नल फिटिंग खोल कर ले गए। इसके कारण ताला लगाना पड़ा। जल्द ही टॉयलेट खुलवा कर किसी कर्मचारी को निगरानी के कार्य पर लगाया जाएगा। जल्द ही टॉयलेट खुलवा कर किसी कर्मचारी को निगरानी के कार्य पर लगाया जाएगा।

-डॉ.बी.एस. करनावट, विभागाध्यक्ष शिशुरोग विभाग