
line detector
अजमेर
तकनीकी कर्मचारियों को काम के दौरान करंट लगने से होने वाली दुर्घटनाओं से बचाने के लिए अजमेर विद्युत वितरण निगम अपने अधीन आने वाले 12 सर्किलों में तकनीकी हेल्पर को लाइन लाइन डिटेक्टर उपकरण उपलब्ध करवाएगा।
जल्द ही इसकी खरीद प्रक्रिया शुरु होगी। निगम के प्रबन्ध निदेशक बी.एम. भामू के अनुसार इस उपकरण से 33 केवी ,11 केवी एलटी लाइन जहां पर कार्य करना है उस लाइन को बंद करने के बाद भी यदि उसमें विद्युत प्रवाहित रहती है तो इस उपकरण से उसका पता लगाया जा सकेगा। इससे दुर्घटना में भी कमी आएगी। जुलाई माह में ही निगम क्षेत्र में तीन कर्मचारियों की काम के दौरान करंट लगने से मौत हो गई। कई कर्मचारी घायल भी हो गए।
उपलब्ध करवाएं सुरक्षा उपकरण
विद्युत कर्मचारियों के साथ हो रही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जिला कलक्टर आरती डोगरा ने अजमेर डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिए कि फील्ड कार्मिकों को दस्ताने, जूते तथा लाइन डिटेक्टर जैसे जीवन रक्षक उपकरण उपलब्ध करवाए जाए।
जन संवाद कार्यक्रम 4 से विद्युत तंत्र से होने वाली मानव एवं पशु दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए जनसंवाद एवं परिचर्चा कार्यक्रम 4 अगस्त से 1200 ग्राम पंचायतों के सभी अटल सेवा केन्द्रों एवं स्कूलों में शुरु किया जाएगा ताकि आमजन को जागरूक किया जा सके।
किसानों को सितम्बर तक कनेक्शन
प्रबन्ध निदेशक ने अभियंताओं को निर्देश दिए हैं कि जिन किसानों की डिमांड राशि जमा है उन्हें सितम्बर तक हर हाल में कनेक्शन जारी किए जाए। इस कार्य में किसी भी प्रकार की सामान आवश्यकता हो तो इसकी जानकारी दी जाए। उच्च श्रेणी, मध्यम, लघु श्रेणी के उद्योग, अघरेलू, घरेलू के लम्बित कनेक्शनों को भी तुरंत जारी किया जाए।
मृतकाश्रित को 20 लाख मुआवजा
अजमेर विद्युत वितरण निगम प्रशासन ने घातक विद्युत दुर्घटना के शिकार हुए तकनीकी सहायक रणजीत सिंह के आश्रितों को सोमवार को 20 लाख रुपए की मुआवजा राशि का भुगतान स्वीकृत किया। कर्मचारी रणजीत सिंह सहायक अभियंता फतेहपुर, सीकर कार्यालय में तकनीकी सहायक के पद पर कार्यरता था। उसकी मृत्यु 4 दिसम्बर 2015 को विद्युत दुर्घटना के कारण हो गई थी।
Published on:
31 Jul 2018 08:15 am
