
lohri festival in ajmer
अजमेर.
सिख और पंजाबी समुदाय के लोग सोमवार को पारम्परिक तरीके से लोहड़ी पर्व (lohri fest) मनाएंगे। इस दौरान शहर में कई स्थानों पर कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
प्रतिवर्ष माघ कृष्णा तृतीय को लोहड़ी पर्व मनाया जाता है। सिख और पंजाबी समुदाय में इसकी खास महत्ता (special) है। खासतौर पर नवयुगल के लिए तो लोहड़ी विशेष होती है।
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नवयुगल के लिए खास
लोहड़ी पर्व की कई पंजाब में खासी महत्ता (punjab) है। यह पर्व नवविवाहित जोड़ों के लिए खास होता है। नव युगल अग्नि में मंगफूली, गजक और अन्य सामग्री की आहूति देकर घर-परिवार में समृद्धि और सुखमय वैवाहिक जीवन (wedding life) की मंगल कामना करते हैं। इसके अलावा परिवार में किसी नए सदस्य (new member) के आगमन की खुशियां भी मनाई जाती हैं।
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नई फसल की पूजा
पंजाब में यह पर्व किसानों की उपज (farmers crop) से जुडा़ है। इस दिन नई फसल की बुवाई और कटाई होने पर पूजा होती है। लोग अपने घरों के बाहर लोहड़ी (lohri) बनाकर खुशियां मनाते हैं। लडक़े भांगड़ा और लड़कियां गिद्दा नृत्य करती हैं।
परम्परा संग आधुनिकता
लोहड़ी पर परंपरा संग आधुनिकता भी बढ़ गई है। पहले गांवों में सामूहिक लोहड़ी (group lohri)मनाकर लोग चने, मंूगफली और अन्य सामग्री वितरित करत थे। बदलते दौर में शहरों-गांवों कई जगह लोहड़ी मनाई जाती है। पारंपरिक (traditional) और आधुनिक (modern) गीतों पर नृत्य होते हैं।
Published on:
12 Jan 2020 08:53 pm
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